अधिकांश राज्यों में मौसम गर्मी की ओर शिफ्ट हो गया है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में तेजी के साथ बढ़ोतरी हो रही है। मौसम विभाग की मानें तो इस साल समय से पहले हीटवेव की एंट्री हो सकती है। लिहाजा मार्च का महीना सामान्य से अधिक गर्म रहेगा और अगले 2 महीने यानी अप्रैल और मई धूल भरी आंधी, बारिश, ओले और आकाशीय बिजली गिरने के खतरे के बीच गुजरेंगे। फिलहाल, पहाड़ों पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके प्रभाव से अगले 3 दिन तक रुक-रुक कर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ ऊंचाई वाले भागों पर बारिश एवं बर्फबारी से मौसम बदला रहेगा और लोगों को सर्दी का एहसास होगा। हालांकि, समूचे उत्तर भारत में मौसम साफ रहेगा और तेज गर्मी परेशान करेगी। अगले 2 दिन राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और दिन धूप के बीच गुजरेंगे। हालांकि, सुबह हल्की गुलाबी सर्दी से मौसम सुहावना प्रतीत होगा। स्काईमेट का पूर्वानुमान है कि 8 और 9 मार्च को ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और केरल के कुछ हिस्सों पर तेज आंधी के साथ बारिश हो सकती है। इस मौसम का आंशिक असर तटीय राज्यों के साथ महाराष्ट्र और गुजरात के कोस्टल एरिया में दिखाई दे सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम कैसा रहेगा
दिल्ली-एनसीआर में वीकेंड पर काफी गर्मी महसूस की गई। लगातार अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने से दिन काफी गर्म प्रतीत हो रहे हैं तो रातें भी अब सामान्य हैं। शहरी इलाकों में लोग एसी, कूलर और पंखे का सहारा ले रहे हैं। लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी सुबह और रात में मौसम सुहावना है। मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे कयास लगाए जा सकते हैं कि अब दिन में प्रचंड गर्मी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, अगले कुछ दिन तक मौसम साफ रहेगा, लेकिन हवाओं की गति अधिक होने के कारण हवा की क्वालिटी में थोड़े सुधार की गुंजाइश है। फिलहाल, एक्यूआई 250 के आसपास बना हुआ है, जो खराब श्रेणी में है। सीपीसीबी के मुताबिक, एक्यूआई को 0 से 50 के बीच अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है। गर्मी बढ़ने और लू की एंट्री के बाद हवा साफ होने से राहत की सांस मिलेगी।
यूपी में गर्मी का मौसम
उत्तर प्रदेश मार्च में ही हीटवेव की तरफ बढ़ सकता है। बुंदेलखंड में पिछले 2 दिन से अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस को क्रॉस कर गया है, जिससे अनुमान है कि अगले सप्ताह तक लू चल सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 4 दिन में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दिन बेहद गर्म प्रतीत होंगे। दिन में 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिससे लू नुमा थपेड़े लगेंगे। फिलहाल, राज्य में साफ मौसम की संभावना है।
बिहार में बारिश का अलर्ट
बिहार में अगले 24 से 48 घंटे में एक बार फिर से मौसम में परिवर्तन देखने को मिलेगा और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से कई जिलों में काले बादलों की आवाजाही शुरू होगी और कहीं-कहीं तेज हवाओं के झोंकों के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है। आईएमडी ने 9 से 11 मार्च के लिए मेघ गर्जन, ठनका गिरने एवं बारिश का येलो अलर्ट घोषित किया है। इस दौरान राजधानी पटना, गया, नवादा, शेखपुरा, जहानाबाद, लखीसराय, नालंदा, मधुबनी, सीतामढी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, सुपौल, अररिया, समस्तीपुर, मधेपुरा, किशनगंज, पूर्णिया, सहरसा, कटिहार, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, भंभुआ, अरवल और औरंगाबाद में आंशिक तौर पर बादल गरजेंगे चमकेंगे और हल्की बारिश हो सकती है।
राजस्थान में मौसम कैसा है
राजस्थान में मौसम काफी गर्म प्रतीत हो रहा है। मार्च के महीने की शुरुआत से काफी गर्मी पड़ रही है और तापमान सामान्य से 9 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले सप्ताह तक राज्य के कुछ हिस्सों में हीटवेव यानी लू की एंट्री हो जाएगी, जिससे सतर्क रहना होगा। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, मौजूदा समय में राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है, जो सामान्य से 4 से 9 डिग्री सेल्सियस अधिक है। जैसलमेर और चित्तौड़गढ़ में 38 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंच गया है। फिलहाल, अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा और अधिकतम एंव न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी।
उत्तराखंड का मौसम
उत्तराखंड में मौसम करवट ले चुका है। पर्वतीय भागों पर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव है, जिस कारण बादलों की आवाजाही जारी है। मौसम विभाग की मानें तो अगले 3 दिन तक मेघ गर्जन के साथ उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चमोली के ऊपरी हिस्सों पर बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जिससे मौसम सर्द रहेगा। तेज हवाओं के बीच बर्फबारी होने से ठंडक बढ़ेगी और अगले कुछ दिन तक गर्मी से राहत रहेगी। हालांकि, मैदानी जिलों पर मौसम साफ रहेगा और न्यूनतम एवं अधिकतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी जारी रहेगी। अधिकांश भागों पर चटख धूप परेशान करेगी। हालांकि, सुबह हल्की गुलाबी सर्दी का एहसास हो सकता है, लेकिन दिन गर्म रहेंगे। फिलहाल बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में बर्फबारी जारी रहने से तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास है।
हिमाचल प्रदेश का मौसम
हिमाचल प्रदेश में अगले 24 घंटे के अंदर मौसम परिवर्तित हो सकता है। नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल छाए नजर आएंगे और सोमवार, मंगल एवं बुधवार तक राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां रिकॉर्ड की जाएंगी। वहीं, पर्वतीय भागों पर बर्फबारी एवं बारिश से मौसम ठंडा रहेगा। आईएमडी के मुताबिक, लाहौल स्पीति, रोहतांग दर्रा, शिगरी ग्लेशियर, कुंजम पास, सेवन सिस्टर्स, लद्दाखी पीक और चंद्रभागा की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फ गिर रही है, जिससे कड़ाके की सर्दी महसूस की जा रही है। 9 से 13 मार्च तक बारिश की गतिविधियां होने से मैदानी इलाकों में बढ़ती गर्मी से राहत की उम्मीद है।
जम्मू-कश्मीर में मौसम कैसा रहेगा
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 8 से 12 मार्च की अवधि में एक नया पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले हिस्सों को प्रभावित करेगा और बादल छाए रहेगे। इस दौरान हल्की बारिश एंव बर्फबारी रिकॉर्ड की जाएगी, जिससे लोगों को सर्दी का एहसास होगा। फिलहाल, घाटी के अधिकांश भागों पर न्यूनतम और अधिकतम तापमान बढ़ता जा रहा है, जिससे दिन में मौसम गर्म मससूस हो रहे हैं। हालांकि, 8 से 10 डिग्री और अधिकतम 20 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने से शाम से लेकर सुबह तक अच्छी खासी सर्दी महसूस हो रही है। अगले एक सप्ताह बाद मौसम तेजी के साथ गर्मी की ओर शिफ्ट होगा।
केरल-बंगाल में बारिश का अलर्ट
मन्नार की खाड़ी में एक निम्न दबाव क्षेत्र कई दिनों से साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में कनवर्ट है, जिसका प्रभाव दक्षिण भारत के तटीय हिस्सों के मौसम को प्रभावित कर रहा है। हालांकि, अब यह बेहद कमजोर हो गया है फिर भी केरल और तमिलनाडु के समुद्री इलाकों में बादलों की आवाजाही रहेगी एंव तेज आंधीनुमा हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। आईएमडी के मुताबिक, अगले 24 से 36 घंटों के दौरात मेघ गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा रहेगा। कमोबेश ऐसा ही मौसम ओड़िशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों पर रहेगा और अगले 2 दिन तक गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां रिकॉर्ड की जाएंगी। मौसम विभाग का कहना है मौसम में बदलाव प्री मानसून के संकेत हैं। फिलहाल, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में मौसम बेहद गर्म प्रतीत हो रहा है। अगले वीकेंड तक हीटवेव यानी लू चलने की संभावना है।
9 मार्च सोमवार का तापमान
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 17°C | 35°C |
| चंडीगढ़ | 19°C | 33°C |
| जयपुर | 20°C | 35°C |
| भोपाल | 21°C | 34°C |
| मुंबई | 24°C | 33°C |
| कोलकाता | 23°C | 34°C |
| चेन्नई | 24°C | 30°C |
| हैदराबाद | 20°C | 34°C |
| लखनऊ | 21°C | 33°C |
| पटना | 23°C | 33°C |
| रांची | 19°C | 31°C |
| देहरादून | 15°C | 27°C |
| शिमला | 12°C | 24°C |
| कश्मीर | 7°C | 17°C |
हीटवेव क्या है?
मार्च की शुरुआत से ही अधिकांश राज्यों में तापमान बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिन में तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, तमिलनाडु और रायमसीला में दिन का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। अगले 10 दिन में 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मैदानी इलाकों में हीटवेव के 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना आवश्यक है, जो सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होना चाहिए। तटीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 30 डिग्री सेल्सियस निर्धारित है। इस दौरान डीहाइड्रेशन, हीट क्रैम्प्स और जानलेवा हीटस्ट्रोक होने का खतरा बढ़ सकता है। ले चलमे से चक्कर आना, बेहोशी इत्यादि आने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
गर्मी कहां पड़ रही
देश के अधिकांश भागों पर तापमान में बढ़ोतरी जारी है। हालांकि, अभी भी हिमालयी राज्यों पर बर्फबारी से मौसम सर्द है, लेकिन उत्तर भारत में न्यूनतम और अधिकतम तापमान बढ़ रहा है। लिहाजा, अगले सप्ताह तक मौसम काफी गर्म महसूस होगा। फिलहाल, दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और गुजरात, महाराष्ट, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के अधिकांश भागों पर गर्मी का सिलसिला शुरू हो गया है। जल्द ही कुछ राज्यों में लू और सनबर्न का अलर्ट जारी हो सकता है।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मी का सीजन शुरू होने के संकेत मिलने लगे है। लिहाजा गर्मियों के सीजन से बचाव के लिए सनबर्न का अलर्ट जारी किया जाता है। दरअसल, एक्सपर्ट के मुताबिक, सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक माना जाता है। चिकित्सीय भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के अधिक संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द महसूस होता है। यानी की अधिकांश केस में स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क प्रतीत होता है।
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