शहर

कल का मौसम 08 March 2025: भीषण बारिश के साथ होगा वज्रपात, होली पर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज; आंधी-तूफान का बड़ा अलर्ट

Kal Ka Mausam, 08 March 2025, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: पश्चिमी विक्षोभ के असर से पहाड़ी राज्यों में एक बार फिर बर्फबारी का दौर शुरू होगा, जिसके प्रभाव से मैदानी इलाकों, बिहार में 8 से 10 फरवरी तक वज्रपात के साथ बारिश का अलर्ट है। स्काईमेट के मुताबिक, 9 मार्च से पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान समेत कई इलाकों में होली के दिन मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है।

Image

8 मार्च का मौसम

Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : उत्तर भारत में चल रहीं तेज हवाओं से मौसम सुहावना बना हुआ है। हालांकि, अगले सप्ताह तक तेज गर्मी के दस्तक देने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, होली तक किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नजर नहीं आ रही है, लेकिन होली के दिन मौसम का मिजाज बदल सकता है। इस दौरान बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश होली पर खलल डाल सकती है। आईएमडी के मुताबिक, पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 9 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ के फिर से एक्टिव होने से बर्फबारी का दौर शुरू होगा, जिससे तापमान में बड़ी गिरावट आएगी। खासकर, घाटी क्षेत्र में दिन में कोल्ड डे जैसी स्थिति रहने से कड़ाके की ठंड का एहसास होगा। स्काईमेट के मुताबिक, पूर्वोत्तर के असम में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। अगले 24 घंटे में अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना है। इसके अलावा, सिक्किम, अंडमान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल और असम में हल्की बारिश की संभावना बन रही है। इधर, गंगा के मैदानी क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार हल्की रहेगी।

यूपी कल का मौसम

उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं का दौर जारी है। पहाड़ों से आ रहीं तेज हवाओं ने राज्य का तापमान 5 से 6 डिग्री सेल्सियस गिरा दिया है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 9 मार्च से एक बार फिर वेस्टर्न डिसटरबेंस के सक्रिय होने से बादलों की आवाजाही का दौर शुरू होगा। इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, जैसे जैसे हवाओं की गति धीमी होगी तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। मार्च में भीषण गर्मी के संकते मिल रहे हैं।

दिल्ली में कल का मौसम

दिल्ली में शुक्रवार को सुबह धूप खिली रही और न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस मौसम के सामान्य तापमान से 3.8 डिग्री कम है। दिल्ली में सुबह साढ़े आठ बजे सापेक्ष आर्द्रता 63 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक, अगले सप्ताह होली के दिन और 9 मार्च से बदल रहे मौसम के कारण हल्की बारिश आपको भिगा सकती है। हालांकि, अगले 5 दिन मौसम थोड़ा सुहावना रहेगा, जिस वजह से गर्मी से राहत मिलेगी।

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कितना है

सीपीसीबी के अनुसार, सुबह नौ बजे एक्यूआई 183 रहा जो, ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। एक्यूआई शून्य से 50 के बीच अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।

बिहार में बारिश का अलर्ट

बिहार में मौसमी बदलाव जारी है। आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, 8 से 10 मार्च के बीच तेज आंधी, वज्रपात के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। खासकर, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर, बांका, किशनगंज, सुपौल, अररिया, कटिहार और जमुई में तेज आंधी, बिजली कड़कने के साथ बारिश का अलर्ट है। लोगों को खराब मौसम के दौरान आकाशीय बिजली से सतर्क रहने की चेतावनी रहेगी।

राजस्थान का तापमान कितना है?

राजस्थान में अगले सप्ताह के दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहने का अनुमान है। राज्य के अधिकांश भागों में अगले सप्ताह के दौरान मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। बीते चौबीस घंटे में राज्य में मौसम मुख्यत शुष्क रहा। इस दौरान राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 36.4 सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान फतेहपुर (सीकर) में 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कश्मीर में कैसा है मौसम

उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में गुरेज घाटी में भारी बर्फबारी और मौसम की स्थिति खराब है। कश्मीर घाटी में मौसम चार दिन से स्थिर बना हुआ है। लद्दाख, श्रीनगर समेत कई इलाकों में भारी बर्फबारी होने से सड़कें सफेद चादर ओढ़े हुए हैं। आईएमडी ने 9 से 12 मार्च तक भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है, जिससे तापमान में गिरावट देखी जाएगी और दिन में कोल्ड डे जैसी स्थिति रहेगी। इसी के मद्देनजर बांदीपोरा सभी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश आठ मार्च तक बढ़ा दिया है। कश्मीर में शीतकालीन अवकाश के कारण लगभग तीन महीने तक बंद रहने के बाद शुक्रवार को स्कूल फिर से खुल गए। यहां एक मार्च को स्कूल खुलने थे, लेकिन खराब मौसम के कारण सरकार ने एक सप्ताह के लिए छुट्टियां बढ़ा दी थीं। कश्मीर घाटी में लगभग 10 हजार सरकारी और निजी स्कूल शुक्रवार सुबह खुल गए, जिसमें शैक्षणिक गतिविधियां फिर से शुरू हो गए हैं।

मार्च में कैसा रहेगा मौसम

मार्च की शुरुआत में गर्मी बढ़ने लगी है और अगले दो महीनों अप्रैल और मई में और भी भर्मी चरम पर होगी। मार्च का दूसरा भाग पहले भाग की तुलना में काफी गर्म रहेगा, जिसमें तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के अनुमानित निशान को पार कर सकता है। स्काईमेट के मुताबिक, 09 मार्च को एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की पहाड़ियों पर पहुंचने की संभावना है। इसकी शुरुआत के तौर पर, 08 से 10 मार्च के बीच दक्षिण और पश्चिमी राजस्थान में एक चक्रवाती परिसंचरण आने की उम्मीद है। इसके तुरंत बाद, 11 से 14 मार्च के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ के आने और आगे बढ़ने की संभावना है। इसी तरह का सपोर्ट सर्कुलेशन फिर से उत्तर और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में दस्तक देगा। ये बैक-टू-बैक सिस्टम पूरे गुजरात और पड़ोसी दक्षिण राजस्थान में हवा के पैटर्न को बदलेंगे।

शहर का नामन्यूनतम तापमानअधिकतम तापमान
कश्मीर-3 डिग्री सेल्सियस9 डिग्री सेल्सियस
शिमला2 डिग्री सेल्सियस19 डिग्री सेल्सियस
चंडीगढ़13 डिग्री सेल्सियस27 डिग्री सेल्सियस
दिल्ली13 डिग्री सेल्सियस29 डिग्री सेल्सियस
मुंबई 25 डिग्री सेल्सियस36 डिग्री सेल्सियस
जयपुर18 डिग्री सेल्सियस31 डिग्री सेल्सियस
भोपाल18 डिग्री सेल्सियस30 डिग्री सेल्सियस
पटना16 डिग्री सेल्सियस27 डिग्री सेल्सियस
कानपुर14 डिग्री सेल्सियस29 डिग्री सेल्सियस
हैदराबाद18 डिग्री सेल्सियस34 डिग्री सेल्सियस

गुजरात में कैसा रहेगा मौसम

गुजरात में 8 से 12 मार्च के दौरान गुजरात में कोई महत्वपूर्ण बादल या वर्षा की उम्मीद नहीं है। हालांकि, अरब सागर से आने वाली नम दक्षिण-पश्चिमी हवाएं, जो अधिकांश भागों को अत्यधिक गर्मी से बचाती हैं वो थम जाएंगी। हल्की गर्म हवाएं सौराष्ट्र और कच्छ के अंदरूनी इलाकों तक पहुंच सकती हैं। हवा के पैटर्न में बदलाव से शुष्क क्षेत्र में भीषण गर्मी की शुरुआत होगी। इस अवधि के दौरान राज्य में कुछ स्थानों पर 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर तापमान पहुंचने की संभावना है। 8 मार्च से गर्मी बढ़ने की संभावना है और अगले सप्ताह तक और बढ़ेगी। राज्य में हीटवेव की स्थिति की संभावना व्यक्त की जा रही है। अहमदाबाद, मेहसाणा, खेड़ा, गांधीनगर, पाटन, दाहोद, गोधरा, बोटाद, सुरेंद्रनगर, मोरबी, अमरेली, बड़ौदा, जूनागढ़, राजकोट, भुज और नलिया में तेज गर्मी की दस्तक देने की संभावना है।

बदलते मौसम में क्या करें?

स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों के मुताबिक, लोगों से हाइड्रेटेड रहने और घर के बने पेय पदार्थ जैसे नींबू पानी, छाछ, लस्सी और चुटकी भर नमक के साथ फलों के रस, पानी से भरपूर फल और सब्जियों का सेवन करें। हवादार और ठंडे क्षेत्रों में घर के अंदर रहें। दिन के दौरान गर्मी को रोकने के लिए खिड़कियां और पर्दों को बंद रखें और रात में वेंटिलेशन के लिए उन्हें खोल दें। साथ ही, इस दौरान धूप, शराब, कैफीन युक्त पेय, कार्बोनेटेड पेय, उच्च प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ और बासी भोजन से बचना चाहिए। बच्चों या पालतू जानवरों को पार्क किए गए वाहनों के अंदर न छोड़ें, क्योंकि अंदर का तापमान खतरनाक रूप से बढ़ सकता है। उन्होंने शिशुओं, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और हृदय रोग या पहले से मौजूद बीमारियों वाले व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त सावधान रहें।

कहां सबसे ज्यादा गर्मी?

दक्षिण भारत से लेकर पश्चिम तक अभी से मार्च वाली गर्मी का एहसास हो रहा है। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और गुजरात में गर्मी का प्रकोप शुरु हो गया है। कुल मिलाकर सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है। उधर, केरल में भीषण गर्मी के मद्देनजर लू और सनबर्न का अलर्ट जारी कर दिया गया है।

सनबर्न क्या होता है

गर्मियों के मौसम में सनबर्न का अलर्ट रहता है। सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक होती है। चिकित्सा की भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के ज्यादा संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द होने लगता है। कुल मिलाकर स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क हो जाता है।

कोल्ड डे क्या है?

कश्मीर-हिमाचल प्रदेश में अभी भी कोल्ड के जैसी स्थिति है। लोग जानना चाहते हैं कि Cold Day क्या होता है? तो बता दें कि आईएमडी के मुताबिक, कोल्ड डे तब माना जाता है, जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम रहे और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियत कम दर्ज किया जाए। उन दिनों को कोल्ड डे में काउंट करते हैं। इस दौरान दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर नहीं होता है, लिहाजा लोगों को सर्दी से राहत की उम्मीद कम रहती है।

हीटवेव का अलर्ट जारी

देश भर में मौसम के मिजाज में नाटकीय रूप से उतार-चढ़ाव को देखते हुए हीटवेव अलर्ट जारी किया है। जहां कुछ इलाकों में बारिश हो रही है, वहीं कुछ इलाकों में अत्यधिक गर्मी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे दिल्ली-एनसीआर को अस्थायी राहत मिल रही है। आईएमडी ने मार्च से मई तक सामान्य से अधिक तापमान का अनुमान लगाया है, जिससे आने वाले महीनों के बारे में चिंताएं बढ़ गई हैं। खासकर, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के राज्य विशेष रूप से प्रभावित होंगे। आईएमडी इन बदलावों के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार माना है। ऐसे में लोगों को भीषण गर्मी के लिए तैयार रहने की जरूरत है।

हीटवेव किसे कहते है?

भीषण गर्मियों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जाता है। हीटवेट तब होती है जब किसी खास जगह पर तीन दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से गर्म होता है। इसे उस क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पिछले मौसम के संबंध में माना जाता है। इस दौरान तापमान सामान्य औसत से अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेव कहा जाता है। खासकर, मार्च से जून के दौरान और कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई के महीने में ये स्थिति बनती है। हीटेवव के दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर पानी की कमी बुखार, उल्टी, दस्त, थकान, कमजोरी इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article