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'मुख्यमंत्री छात्रों के मुद्दों को लेकर चिंतित, आंदोलन नहीं बातचीत से निकले हल', आदिवासी महोत्सव में बोले राज्यपाल गंगवार

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी है। राज्यपाल संतोष गंगवार और सीएम हेमंत सोरेन ने छात्रों से आंदोलन छोड़ संवाद से हल निकालने की अपील की है।

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आदिवासी महोत्सव में बोले गंगवार (फाइल फोटो)

Photo : PTI

झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 16वां दिन है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 6 अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस बीच, रांची में आयोजित 'झारखंड आदिवासी महोत्सव' के मंच से राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शनकारी युवाओं से आंदोलन का रास्ता छोड़कर बातचीत और संवाद के जरिए मामले का समाधान निकालने की अपील की है।

'छात्रों के लिए हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं': राज्यपाल

झारखंड आदिवासी महोत्सव को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने छात्रों से मुख्यमंत्री के आश्वासनों पर भरोसा जताने को कहा। राज्यपाल संतोष कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों के मुद्दों को लेकर बेहद चिंतित हैं। इन समस्याओं का समाधान आंदोलन के बजाय केवल संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए। मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वे मुख्यमंत्री के आश्वासनों पर पूरा भरोसा रखें। हम छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी सूरत में खिलवाड़ नहीं करना चाहते। हमारे दरवाजे सभी छात्रों के लिए हमेशा खुले हैं, वे अपनी चिंताओं को लेकर हमसे कभी भी मिल सकते हैं।

'लाठी-डंडे से समाधान नहीं': सीएम हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय दिलाने का वादा किया। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए नीट (NEET) पेपर लीक प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए विपक्षी दलों पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बातचीत से ही समस्याओं का समाधान हो सकता है, लाठी-डंडे या बंदूक से नहीं। हथियार तो सीमा पर दुश्मनों का सामना करने के लिए होते हैं। मैं आपसे वादा करता हूं कि पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि झारखंड की आत्मनिर्भरता को स्वीकार न कर पाने वाले निहित स्वार्थी तत्व राज्य में लोकतंत्र को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। आंदोलन का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। मैं युवाओं को आगाह करता हूं कि वे राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वालों के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि युवाओं की चिंता मेरी अपनी चिंता है। परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। हमने चोरी पकड़ी है, अब न्याय भी दिलाएंगे। युवा अपने आंदोलन के लिए राजनीतिक संरक्षण न तलाशें, न्याय उनका अधिकार है।

क्या हैं प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगें?

राज्य में भर्ती प्रक्रिया को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में एक ये है कि भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली की जांच या तो केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की स्वतंत्र समिति से। दूसरी मांग है कि 14वीं JPSC परीक्षा रद्द हो और तीसरी मांग है कि 2019 के बाद आयोजित JPSC और JSSC की सभी विवादित परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच हो।

बता दें कि आज सरकार और 'JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच' के प्रतिनिधिमंडल के बीच छठे दौर की बातचीत हुई, जिसके बारे में आप विस्तार से यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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