लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद झारखंड प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। धनबाद में छात्र सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire safety standards) की जांच शुरू कर दी है। निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में गंभीर खामियां मिलने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया है कि फायर एनओसी और जरूरी सुरक्षा व्यवस्था पूरी होने तक नियमों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग सेंटरों की कक्षाएं संचालित नहीं की जाएंगी।
फायर एनओसी के बिना नहीं चलेंगी कोचिंग संस्थाएं
अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हाल में लगी आग की घटना के बाद शहर के सिटी सेंटर और सरायढेला क्षेत्रों में कोचिंग संस्थानों का बुधवार को औचक निरीक्षण किया गया। लखनऊ के हादसे में 16 से 25 वर्ष आयु वर्ग के छात्रों सहित 15 लोगों की मौत हो गई थी। उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि छात्र सुरक्षा से समझौता करने और अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संस्थानों के प्रति प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि शहर के विभिन्न हिस्सों में औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा। निरीक्षण के दौरान कई बड़े और छोटे कोचिंग संस्थानों में गंभीर सुरक्षा खामियां पाई गईं। इनमें अग्निशमन उपकरणों की अपर्याप्त व्यवस्था, आपातकालीन निकास मार्गों का अभाव, खराब वेंटिलेशन और क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाने जैसी कमियां शामिल हैं।
क्षमता से ज्यादा छात्रों को बैठाने वाले सेंटर प्रशासन के निशाने पर
अधिकारियों ने बताया कि कुछ संस्थानों में निर्धारित क्षमता से लगभग दोगुने छात्रों को पढ़ाया जा रहा था, जो किसी आपात स्थिति में गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) लोकेश बरांगे ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को जिला अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त करने और सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करने तक कक्षाएं संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, ’’छात्रों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी को भी व्यावसायिक लाभ के लिए बच्चों के जीवन को खतरे में डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’’ बरांगे ने चेतावनी दी कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
(इनपुट - भाषा)
