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IPL सट्टेबाजी का मास्टरमाइंड बर्खास्त सिपाही गया जेल, सलाखों में प्रेमिका से होगा मेल

उत्तर प्रदेश के झांसी में करोड़ों रुपये का सट्टा बाजार चलाने वाले और फरार चल रहे बर्खास्त सिपाही रजत सिंह ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। इस हाईप्रोफाइल रैकेट में उसकी प्रेमिका यशस्वी द्विवेदी पहले से ही सलाखों के पीछे है।

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करोड़ों के IPL सट्टा रैकेट का मास्टरमाइंड बर्खास्त सिपाही कोर्ट में सरेंडर

झांसी : आईपीएल क्रिकेट मैच के दौरान करोड़ों रुपये का सट्टा बाजार चलाने वाले और पिछले कई दिनों से फरार चल रहे मास्टरमाइंड बर्खास्त सिपाही रजत सिंह ने आखिरकार पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। न्यायालय ने आरोपी पूर्व सिपाही की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। दिलचस्प बात यह है कि इस हाईप्रोफाइल रैकेट में उसकी प्रेमिका यशस्वी द्विवेदी पहले से ही सलाखों के पीछे है, और अब इस सरेंडर के बाद दोनों का जेल में मेल हो गया है। रजत के साथ ही इस सट्टा नेटवर्क से जुड़े तीन अन्य बड़े सट्टेबाजों ने भी कोर्ट में सरेंडर किया है, जिन्हें जेल भेजा गया है।

उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला यह पूरा मामला 7 मई का है, जब मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस और स्वात (SWAT) टीम ने शहर की बेहद पॉश कॉलोनी 'रॉयल सिटी' के एक फ्लैट में छापेमारी की थी। पुलिसिया कार्रवाई के दौरान गिरोह का सरगना और झांसी पुलिस में तैनात सिपाही रजत सिंह अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहा था। हालांकि, पुलिस ने फ्लैट से उसकी प्रेमिका यशस्वी द्विवेदी और उसकी सहयोगी निशा खान को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था।

छापेमारी में बरामद हुई थी अकूत संपत्ति

पुलिस टीम को फ्लैट की तलाशी के दौरान सट्टेबाजी की काली कमाई का बड़ा जखीरा मिला था। मौके से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये कीमत का सोना, 11 लाख रुपये की चांदी और 18 लाख रुपये नगद बरामद हुए थे। कुल मिलाकर पुलिस ने करीब 1.75 करोड़ रुपये का सामान और सट्टा संचालन में इस्तेमाल होने वाले एक दर्जन से अधिक मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त किए थे।

इस शर्मनाक कृत्य और गंभीर आपराधिक संलिप्तता को देखते हुए झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सिपाही रजत सिंह को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया था। पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थीं, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए रजत ने आज गुपचुप तरीके से कोर्ट पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अब इस पूरे रैकेट के वित्तीय लेन-देन और अन्य मददगारों की कुंडली खंगालने में जुटी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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