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Jammu-Kasmir News: कश्मीर में दिखा अयोध्या का रंग, मुस्लिम छात्रा ने पहाड़ी भाषा में गाया राम भजन

Jammu-Kasmir News: जम्मू-कश्मीर की मुस्लिम छात्रा बतूल जहरा ने राम भजन को पहाड़ी भाषा में लिखकर गाया है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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कश्मीरी छात्रा बतूल जहरा (फोटो साभार - ट्विटर)

Jammu-Kasmir News: अयोध्या के राम मंदिर में 22 जनवरी को रामलला का प्राण प्रतिष्ठा समारोह है। इस भव्य समारोह में अब कुछ ही दिन बचे हुए हैं। अयोध्या का रंग कई अन्य शहरों में भी देखने को मिल रहा है। इस बीच कश्मीर में भी इसका प्रभाव देखने को मिला है। यहां कश्मीर की मुस्लिम छात्रा ने राम भजन को पहाड़ी भाषा में गाया है। जिसे लोग बहुत पसंद कर रहे हैं और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बतूल जहरा ने पहाड़ी भाषा में गाया रामभजन

राम भजन को पहाड़ी भाषा में गाने वाली छात्रा का नाम बतूल जहरा है, जो जम्मू-कश्मीर के उरी जिले की रहने वाली है। बतूल जहरा ने बताया कि उन्हें राम भजन को पहाड़ी भाषा में गाने की प्रेरणा बॉलीवुड के उस गाने से मिली, जिसे सिंगर जुबिन नौटियाल ने गाया है। बतूल ने कहा कि मुझे जुबिन नौटियाल का गाया गाना बहुत अच्छा लगा, जिसके बाद मैंने सोचा कि ये गाना हिंदी में हो सकता है तो ये पहाड़ी में क्यों नही हो सकता। जिसके बाद मैंने इसे पहाड़ी में लिखकर गाया और इसे रिकॉर्ड किया। मैंने इस गाने को अपने सर को सुनाया और उन्होंने इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।

मुस्लिम भाइयों ने की सराहना

बतूल जहरा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी 11 दिन का उपवास रख रहे हैं। आज पूरा देश राम भजन से गूंज रहा है, ऐसे में हमारा जम्मू-कश्मीर कैसे पीछे रह सकता है। छात्रा ने यह भी कहा कि इस भजन को सुनकर मेरे मुस्लिम भाइयों ने मेरी सराहना की। इस दौरान बतूल जहरा ने उन इस्लामी शिक्षाओं के बारे में भी बताया, जिसने उसे राम भजन गाने के लिए प्रोत्साहित किया।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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