Jammu Kashmir News: मौसम की मार झेल रहे जम्मू-कश्मीर में अब बारिश की तेजी में कुछ कमी दर्ज की गई है। मौसम विभाग में अपना अलर्ट भी रेड से कम करके येलो कर दिया है। जम्मू-कश्मीर में लगातार जारी भारी बारिश के कारण जनजीवन पर बुरा प्रभाव पड़ा है। समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक बारिश के कारण राज्य भर में मृतकों की संख्या बढ़कर 41 हो गई, जिनमें से 34 लोगों की मौत वैष्णो देवी के यात्रा मार्ग में भूस्खलन में हुई है।
आज चलाई गई स्पेशल गाड़ी
इसी बीच उत्तर रेलवे ने बारिश से हुई तबाही को देखते हुए बुधवार को जम्मू और कटरा स्टेशनों से आने-जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया और कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर बीच में ही रोक दिया गया था। आज, गुरुवार को फंसे हुए पर्यटकों को निकालने के लिए उत्तर रेलवे ने जम्मू-कश्मीर से दिल्ली के लिए एक विशेष अनारक्षित ट्रेन चलाई है।
रद्द हुई थीं 58 ट्रेनें
उत्तर रेलवे ने बुधवार को रिकॉर्ड बारिश से हुई तबाही के कारण जम्मू और कटरा स्टेशनों से आने-जाने वाली 58 ट्रेनों को रद्द करने का आदेश दिया था जबकि 64 ट्रेनों को मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर या तो बीच में ही रोक दिया गया था फिर गंतव्य बदल दिए गए थे।फंसे पर्यटकों के लिए खास ट्रेन
जम्मू स्थित रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) ने समाचार एजेंसी भाषा से बातचीत में बताया कि, “फंसे हुए पर्यटकों की मदद के लिए गुरुवार को दिन में जम्मू से दिल्ली के लिए एक अनारक्षित विशेष ट्रेन निर्धारित है। यह कठुआ और पठानकोट छावनी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी।”
यात्री जम्मू, कठुआ और रास्ते में पड़ने वाले अन्य स्टेशनों से ट्रेन में सवार हो सकते हैं। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कई अनुरोधों के बाद यह कदम उठाया है। यात्री विभिन्न रेलवे स्टेशनों, खासकर जम्मू पर रेल यातायात बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।
बाढ़ की चपेट में आए रेलवे ट्रैक
जम्मू-पठानकोट में भारी बारिश के कारण जम्मू संभाग में रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं क्योंकि रेलवे ट्रैक और पुल बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे सैकड़ों यात्री जम्मू रेलवे स्टेशन पर फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से ज्यादातर यात्री कटरा स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर से लौट रहे हैं।
बुधवार को रोकनी पड़ी थी ट्रेन
बता दें कि बुधवार सुबह जम्मू से छह ट्रेनों के रवाना होने के साथ रेल यातायात कुछ समय के लिए बहाल हुआ था लेकिन चक्की नदी क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ और भारी मिट्टी के कटाव के कारण फिर से ट्रेनों की आवाजाही रुक गयी।
