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लश्कर आतंकी 'खरगोश' का Jaipur कनेक्शन, मददगारों पर कसा पुलिस का शिकंजा

लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी जयपुर आया, फर्जी दस्तावेज बनाए और फिर पासपोर्ट भी बनवा लिया। लेकिन इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों को भनक तक नहीं लगी। अब उसके पूरे नेटवर्क की जांच हो रही है।

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लगभग दो साल जयपुर में रहा लश्कर आतंकी उमर उर्फ खरगोश

Jaipur News: जयपुर में लश्कर-ए-तैयबा के आतंगवादी उमर हारिस उर्फ 'खरगोश' का बड़ा कनेक्शन सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि उमर हारिस 2023 से 2024 तक अपने साथी कामरान के साथ गुलाबी नगरी जयपुर में रहा था। इस दौरान आतंकवादी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपनी पहचान 'शहजाद' के नाम से बनाई।

बताया जा रहा है कि उसके पास नूंह-मेवात का आधार कार्ड था, जिसे अपडेट कर उसने वोटर आईडी और पासपोर्ट भी बनवा लिया था। वह जयपुर के चारदीवारी इलाके में किराए पर रह रहा था और सी-स्कीम स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक की दुकान में काम भी करता था।

पर्यटन स्थलों और मंदिरों में गया था आतंकी

जयपुर के जिस घर में Let Terrorist उमर हारिश किराए पर रहा था, उसके मकान मालिक से भी पूछताछ की गई है। जब यह आतंकी जयपुर में रह रहा था, उस समय कुछ पर्यटन स्थलों और मंदिर में भी घूमा था। यही नहीं वह जयपुर से नेपाल भी घूमने गया था।

10-15 संदिग्धों से पूछताछ

जांच में यह भी पता चला है कि नूंह-मेवात के कई लोगों ने उसके जयपुर में रहने की व्यवस्था कराई थी। राजस्थान ATS ने करीब 10 से 15 संदिग्धों से पूछताछ की है। 2024 में फर्जी पासपोर्ट के जरिए उसके फरार होने के बाद एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं।

जानकारी के मुताबिक, श्रीनगर में हाल ही में लश्कर-ए-तैयबा के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ था। जब मामले की जांच की गई तो उसके तार जयपुर से जुड़े पाए गए, जिसके बाद राजस्थान ATS और श्रीनगर पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। इस जांच में ही आतंकवादी उमर हारिस के बारे में यह चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

इसमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात तो यह है कि इतने लंबे समय तक जयपुर में रहने के बावजूद सुरक्षा एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। बताया जा रहा है कि जयपुर में रहने के दौरान ही उसने अपना नेटवर्क तैयार किया और दस्तावेज तैयार करवाए।

पासपोर्ट वेरिफिकेशन पर उठे गंभीर सवाल

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उसने श्रीनगर में एक अंडरग्राउंड वर्कर की बेटी से निकाह किया था। इसी आधार पर उसने अपने दस्तावेज तैयार करवाए और पासपोर्ट बनवाने में सफलता हासिल की। इस घटना ने पासपोर्ट वेरिफिकेशन प्रोसेस और पुलिस की जांच प्रणाली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बने पासपोर्ट की मदद से वह पहले इंडोनेशिया गया और वहां से खाड़ी देश भाग गया। अभी इस आतंकवादी के सऊदी अरब में छिपे होने की आशंका है। इस मामले में राजस्थान ATS और श्रीनगर पुलिस ने जयपुर से 4 संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है। इनमें पासपोर्ट बनवाने में मदद करने वाला व्यक्ति, मकान मालिक, नौकरी दिलवाने वाला और उसका एक करीबी भी शामिल है। अभी एजेंसियां इस मामले की गहनता से जांच कर रही हैं और जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

Lakhveer Singh Shekhawat
लखवीर सिंह शेखावतauthor

पत्रकारिता में पिछले सात साल से सक्रिय हैं, वर्तमान में Times Now नवभारत में राजस्थान ब्यूरो हेड हैं। इससे पहले, ज़ी मीडिया और न्यूज़18 नेटवर्क के राजस्थान चैनल के लिए दिल्ली ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य किया है। उन्होंने जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से बीजेएमसी की डिग्री प्राप्त की और राजस्थान यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी में डिग्री हासिल की है। राजस्थान से संबंधित समाचारों और ख़बरों पर विशेष पकड़ रखते हैं। साथ ही देश की प्रमुख राजनीतिक घटनाओं को कवर करने में भी विशेषज्ञता हासिल है।

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