Mehandipur Balaji Temple: मेहंदीपुर बालाजी राजस्थान के दौसा जिले के पास दो पहाडियों के बीच बसा हुआ है। ये मंदिर हमेशा से ही लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा है। यहां आपको कई ऐसे विचित्र नजारे देखने को मिल जाएंगे, जिनहें पहली बार देखकर लोग हैरत में पड़ जाते हैं। यहां दूर-दराज से लोग ऊपरी चक्कर और प्रेत बाधाओं से मुक्ति के लिए आते हैं। अगर आप इस मंदिर के दर्शन करने के लिए जा रहे हैं तो पहले यहां से जुड़ी कुछ जरूरी नियमों को जान लें ताकि आपको बाद में परेशान न होना पड़े।
प्याज, लहसुन और नॉन वेज खाने से बचें- अगर आप मेहंदीपुर बालाजी मंदिर जाने की सोच रहे हैं, तो यहां जाने से कम से कम एक हफ्ते पहले से ही इन चीजों को खाने से बचें। साथ ही कम से कम ग्यारह दिन घर जाने के बाद इन्हें न खाएं।
फोन कैमरा इस्तेमाल करने से बचें- मेहंदीपुर बालाजी में कई ऐसी चीजें देखने को मिल सकती हैं, जिनसें आप परेशान हो सकते हैं। क्योंकि यहां आप कुछ लोगों को चिल्लाते, खुद को मारते हुए देखेंगे, कुछ लोग जंजीरों में बंधे होंगे। इसलिए मंदिर परिसर में वीडियो रिकॉर्ड करना या फोटो क्लिक करना सख्त मना है। इतना ही नहीं भीड़ की वजह से आपका फोन भी गुम हो सकता है।
मेहंदीपुर बालाजी से ये चीजें घर न ले जाएं- मेहंदीपुर बालाजी मंदिर का न तो प्रसाद खाया जाता है, न घर ले जाया जाता है और न ही किसी को खाने को दिया जाता है। वैसे ऐसा करने के पीछे का कोई वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं अनुसार ऐसा माना जाता है कि अगर आप प्रसाद को घर ले जा रहे हैं तो कुछ आत्माएं भी आपके साथ जा सकती हैं। यहां तक कि कोई भी सुगन्धित चीजें आप घर से नहीं ले जा सकते।
पीछे मुड़कर देखने से बचें- ऐसा कहा जाता है कि यहां आरती करते समय पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि पीछे मुड़ने से आत्मा आपके पीछे-पीछे चल देती है। यहां के पुजारी भी यही बात बताते हैं।
बालाजी का प्रसाद- यहां बालाजी को लड्डू, प्रेतराज को चावल और भैरों को उड़द का प्रसाद चढ़ता है। ऐसा माना जाता है कि जिनके अंदर भूत-प्रेत आदि शक्तियां होती हैं, वह ये प्रसाद खाकर अजब-गजब हरकतें करने लगते हैं।
