जयपुर

Mehandipur Balaji Temple: मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में दर्शन के दौरान न करें ये गलतियां, नहीं तो हो सकते हैं परेशान

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Dec 27, 2022, 06:11 PM IST

राजस्थान में बसा मेहंदीपुर बालाजी का मंदिर भारत के प्रमुख मंदिरों में से एक है। इस मंदिर से जुड़ी कई ऐसी दिलचस्प बातें हैं जिनसें लोग हैरत में पड़ जाते हैं।

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मेहंदीपुर बालाजी मंदिर

Mehandipur Balaji Temple: मेहंदीपुर बालाजी राजस्थान के दौसा जिले के पास दो पहाडियों के बीच बसा हुआ है। ये मंदिर हमेशा से ही लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा है। यहां आपको कई ऐसे विचित्र नजारे देखने को मिल जाएंगे, जिनहें पहली बार देखकर लोग हैरत में पड़ जाते हैं। यहां दूर-दराज से लोग ऊपरी चक्कर और प्रेत बाधाओं से मुक्ति के लिए आते हैं। अगर आप इस मंदिर के दर्शन करने के लिए जा रहे हैं तो पहले यहां से जुड़ी कुछ जरूरी नियमों को जान लें ताकि आपको बाद में परेशान न होना पड़े।

प्याज, लहसुन और नॉन वेज खाने से बचें- अगर आप मेहंदीपुर बालाजी मंदिर जाने की सोच रहे हैं, तो यहां जाने से कम से कम एक हफ्ते पहले से ही इन चीजों को खाने से बचें। साथ ही कम से कम ग्यारह दिन घर जाने के बाद इन्हें न खाएं।

फोन कैमरा इस्तेमाल करने से बचें- मेहंदीपुर बालाजी में कई ऐसी चीजें देखने को मिल सकती हैं, जिनसें आप परेशान हो सकते हैं। क्योंकि यहां आप कुछ लोगों को चिल्लाते, खुद को मारते हुए देखेंगे, कुछ लोग जंजीरों में बंधे होंगे। इसलिए मंदिर परिसर में वीडियो रिकॉर्ड करना या फोटो क्लिक करना सख्त मना है। इतना ही नहीं भीड़ की वजह से आपका फोन भी गुम हो सकता है।

मेहंदीपुर बालाजी से ये चीजें घर न ले जाएं- मेहंदीपुर बालाजी मंदिर का न तो प्रसाद खाया जाता है, न घर ले जाया जाता है और न ही किसी को खाने को दिया जाता है। वैसे ऐसा करने के पीछे का कोई वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं अनुसार ऐसा माना जाता है कि अगर आप प्रसाद को घर ले जा रहे हैं तो कुछ आत्माएं भी आपके साथ जा सकती हैं। यहां तक कि कोई भी सुगन्धित चीजें आप घर से नहीं ले जा सकते।

पीछे मुड़कर देखने से बचें- ऐसा कहा जाता है कि यहां आरती करते समय पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि पीछे मुड़ने से आत्मा आपके पीछे-पीछे चल देती है। यहां के पुजारी भी यही बात बताते हैं।

बालाजी का प्रसाद- यहां बालाजी को लड्डू, प्रेतराज को चावल और भैरों को उड़द का प्रसाद चढ़ता है। ऐसा माना जाता है कि जिनके अंदर भूत-प्रेत आदि शक्तियां होती हैं, वह ये प्रसाद खाकर अजब-गजब हरकतें करने लगते हैं।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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