जयपुर

खुदकुशी का गढ़ बनता जा रहा कोटा, NEET अभ्यर्थी ने की आत्महत्या; 14 छात्र दे चुके हैं जान

कोटा में नीट की तैयारी कर रहे एक और छात्र ने जान दे दी है। इस साल अब तक 14 छात्र खुदकुशी कर चुके हैं।

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खुदकुशी का गढ़ बनता जा रहा कोटा, NEET अभ्यर्थी ने की आत्महत्या; 14 छात्र दे चुके हैं जान

कोटा: राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) की तैयारी कर रहे 21 वर्षीय एक छात्र ने बुधवार को किराए के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। फंदे का एक सिरा छत में लगे हुक से बंधा था। ‘कोचिंग हब’ कोटा में इस साल जनवरी से अब तक किसी छात्र द्वारा आत्महत्या करने का यह 14वां मामला है, जबकि 2023 में 26 मामले सामने आए थे। मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 की नीट-यूजी परीक्षा में हुए ‘घोटाले’ के कारण उनके बेटे ने आत्महत्या की है। हालांकि उन्होंने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में कोई आरोप नहीं लगाया।

फंदे से लटकता मिला शव

घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के बरसाना निवासी परशुराम जाटव (21) के रूप में हुई है। उसने अपने पिता से आखिरी बार बुधवार दोपहर करीब 1.15 बजे बात की थी और कहा था कि वह घर आना चाहता है। उसके पिता खचरमल ने उसे घर वापस आने के लिए कहा था, लेकिन उसके बाद उनके बेटे ने फोन नहीं उठाया। यह मामला बुधवार रात करीब 11 बजे उस दौरान सामने आया जब मकान मालिक ने छात्र के कमरे का दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

घोटाले के कारण छात्र ने दी जान

जब उसने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो छात्र का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शव बरामद कर एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। सूचना मिलने पर छात्र के पिता खचरमल बृहस्पतिवार सुबह कोटा पहुंचे। यहां शवगृह के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि नीट-यूजी 2024 परीक्षा में हुए ‘घोटाले’ के कारण उनके बेटे ने आत्महत्या की। छात्र के पिता राजमिस्त्री हैं। उन्होंने कहा कि नीट की परीक्षा कराने वाली एजेंसी और नीट परीक्षा में हेराफेरी करने वाले अमीर लोगों ने मेरे बेटे की हत्या कर दी।

नीट परीक्षा में हासिल किए थे 647 अंक

खचरमल ने कहा कि उनके बेटे ने दूसरे प्रयास में वर्ष 2024 की नीट परीक्षा में 647 अंक हासिल किए थे, लेकिन संशोधित परीक्षा परिणाम के कारण उसके अंक कम होकर 247 हो गए, जिससे वह उदास हो गया। पुलिस अभी तक परशुराम के आत्महत्या करने के कारण का पता नहीं लगा पाई है। जवाहर नगर पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक जवाहर सिंह ने कहा कि कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है तथा आत्महत्या करने के कारण का पता लगाया जाना बाकी है।

जवाहर नगर पुलिस थाने के एक पुलिस अधिकारी हरिनारायण शर्मा ने कहा कि बृहस्पतिवार दोपहर पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है तथा पुलिस ने मामले की जांच के लिए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 194 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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