जयपुर

जयपुर के औलिया मस्जिद में जगी योग की नई किरण; बुर्कानशीं महिलाओं ने रचा Yoga Diwas 2025 पर इतिहास

जयपुर के औलिया मस्जिद में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली, जहां 50 से अधिक मुस्लिम महिलाओं ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि योग किसी धर्म या संप्रदाय की सीमा में नहीं बंधा है। आत्मविश्वास और उत्साह से भरपूर यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बना।

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औलिया मस्जिद में योगाभ्यास

Photo : Times Now Digital

Yoga in Burqa: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जयपुर से एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। हसनपुरा स्थित औलिया मस्जिद के परिसर में 50 से अधिक बुर्कानशीं मुस्लिम महिलाओं ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया। मस्जिद के हॉल में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में महिलाओं ने अनुलोम-विलोम, कपालभाति और अन्य योग मुद्राओं का अभ्यास करते हुए शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया।

International Day of Yoga 2025 पर किया गया यह आयोजन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स एंड सोशल वेलफेयर द्वारा आयोजित किया गया था, जिसकी अध्यक्षता डॉ. सरोज खान ने की। कार्यक्रम का संचालन केवल 15 वर्षीय सायमा ने आत्मविश्वास के साथ किया, जिन्होंने प्रतिभागियों को योग के सही तरीकों से परिचित कराया और इसके फायदों पर चर्चा की।

महिलाओं में दिखा उत्साह

योगाभ्यास में शामिल महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि योग किसी एक जाति, धर्म या संप्रदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर इंसान के जीवन का अहम हिस्सा बन सकता है। एक महिला ने बताया कि हम प्रतिदिन अपने घर पर योग करती हैं। यह न केवल हमारे शरीर को स्वस्थ बनाए रखता है, बल्कि हमारे मन को भी गहरी शांति देता है। वास्तव में, योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि यह जीवन जीने की एक सुंदर कला है।

योग से दूरी क्यों?

बुर्का पहनकर योगाभ्यास कर रही महिलाओं ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जब आज मुस्लिम महिलाएं डॉक्टर, इंजीनियर और पायलट जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं, तो योग से दूरी क्यों? उन्होंने कहा कि योग न सिर्फ हमारे शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है। साथ ही उन्होंने सभी मुस्लिम महिलाओं से आग्रह किया कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बनाएं।

धर्म की सीमाओं से परे है योग

मुस्लिम महिलाओं द्वारा आयोजित इस योग कार्यक्रम ने यह साबित किया कि योग न सिर्फ शारीरिक व्यायाम है, बल्कि एक ऐसा जरिया है जो सभी को जोड़ सकता है। औलिया मस्जिद में हुआ यह आयोजन योग के प्रति मुस्लिम समुदाय में नई सोच और जागरूकता लाने का काम करेगा। इस आयोजन ने यह दिखाया कि योग धर्म की सीमाओं से परे है और हर किसी के जीवन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जयपुर में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम ने महिलाओं की जबरदस्त भागीदारी और उत्साह को उजागर किया। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि योग न तो किसी जाति, धर्म या लिंग तक सीमित है, और न ही इसकी सीमाएं तय की जा सकती हैं। महिलाओं ने इसे अपनी शारीरिक तंदुरुस्ती और मानसिक शांति के लिए अपनाने का दृढ़ संकल्प लिया।

Lakhveer Singh Shekhawat
लखवीर सिंह शेखावत author

पत्रकारिता में पिछले सात साल से सक्रिय हैं, वर्तमान में Times Now नवभारत में राजस्थान ब्यूरो हेड हैं। इससे पहले, ज़ी मीडिया और न्यूज़18 नेटवर्क के राज... और देखें

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