जयपुर

कोटा में एक और छात्र ने किया सुसाइड, फंदे से लटका मिला MBBS का छात्र

Kota Suicide: कोटा में एमबीबीएस की शिक्षा प्राप्त कर रहे एक छात्र ने सुसाइड कर लिया है। पुलिस को छात्र के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

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कोटा में एक और छात्र ने किया सुसाइड

Photo : iStock

Kota Suicide: राजस्थान के कोटा जिला जेईई/नीट कोचिंग के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। यही कारण है कि इसे भारत की कोचिंग राजधानी के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन बीते कुछ सालों से छात्रों द्वारा सुसाइड करने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। आए दिन कोटा से किसी न किसी छात्र की आत्महत्या की खबर सामने आती रहती है। ऐसा ही एक और खबर सामने आई है। यहां एमबीबीएस के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे एक छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। छात्र की आत्महत्या की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और छात्र के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। महावीर नगर एएसआई मोहन लाल ने बताया कि छात्र के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। बताया जा रहा है कि छात्र का शव हॉस्टल रूम में फांसी के फंदे से लटका मिला।

एमबीबीएस फाइनल ईयर छात्रा ने किया सुसाइड

पुलिस ने मृतक छात्र की पहचान सुनील बेरवा के रूप में की। सुनील जयपुर के बस्सी क्षेत्र का निवासी है और कोटा के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फाइनल ईयर में पढ़ रहा था। लेकिन फिर सुनील ने सुसाइड कर लिया। पुलिस को सुनील के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। बताया जा रहा है कि स्ट्रैस के चलते सुनील ने आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाया।

सुसाइड नोट में पिता से मांगी माफी

पुलिस को एमबीबीएस छात्र के पास से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें सुनील ने खा था कि 'पापा, मैं आपके सपने को पूरा नहीं कर पाया।' सुनील के सुसाइड के बाद साथ पढ़ने वाले छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि प्रशासन ने सुनील को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी थी, जिस कारण वह डिप्रेशन का शिकार हो गया और उसने सुसाइड जैसा बड़ा कदम उठाया।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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