Jaipur News: जयपुर बम ब्लास्ट से जुड़े मामले से जुड़ी एक बड़ी खबर आई है, जयपुर बम ब्लास्ट के गुनहगारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साल 2008 में जयपुर में सिलसिलेवार ढंग से 8 बम धमाके हुए थे और एक जिंदा बम मिला था। चांदपोल बाजार के गेस्ट हाउस के पास मिले जिंदा बम केस में चारों आतंकियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
4 अप्रैल को ठहराए गए थे दोषी
जयपुर बम ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत ने पहले 29 मार्च को फैसले का दिन तय किया था, जिसके बाद फैसले के लिए 4 अप्रैल की तारीख चुनी गई। 4 अप्रैल को सभी आरोपियों को दोषी ठहराया जा चुका था, आज यानी मंगलवार को दोषियों को सजा सुनाई गई। कोर्ट ने चारों आतंकियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी,121-A ,124-A,153-A, 307, अनलॉफुल एक्टिविटी (प्रिवेंशन) एक्ट-1967 की धारा 18 ,विस्फोटक अधिनियम 1908 की धारा 4 और 5 सहित 6 धाराओं में दोषी ठहराया था। जज रमेश कुमार जोशी की कोर्ट ने फैसले के दौरान कहा कि सबसे बड़ा न्यायालय, हमारा मन होता है…क्या गलत है, क्या सही, यह हमारा मन जानता है…सजा हुई है, मतलब गुनाह भी हुआ है।
आतंकियों को उम्रकैद
13 मई को 2008 को जयपुर में आठ सीरियल बम धमाकों के बाद नौंवा बम चांदपोल बाजार के गेस्ट हाउस के पास मिला था। बम फटने के 15 मिनट पहले इसे डिफ्यूज कर दिया गया था। इन धमाकों में 71 लोगों की मौत हो गई थी, और लगभग 200 लोग घायल हो गए थे।
जिंदा बम प्लांट करने के मामले में जज रमेश कुमार जोशी की विशेष अदालत ने आज मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी, सैफुर रहमान और मोहम्मद सलमान को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा सुनाने के बाद सभी आरोपी कोर्ट रूम से हंसते मुस्कुराते हुए बाहर निकले, दोषियों के चेहरे पर नहीं कोई अफसोस नहीं दिखा।
आरोपियों के चेहरे पर नहीं कोई शिकन,न ही कोई अफसोस शुक्रवार को जयपुर बम ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत ने चारों को दोषी करार दिया था।
इससे पहले 20 दिसंबर 2019 को जयपुर धमाकों के मामले में इन चार लोगों को दोषी ठहराते हुए इसी विशेष अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे हाईकोर्ट ने रद्द करते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।
पहले हो चुके हैं बरी
इन आतंकियों को इंडियन पेनल कोड (IPC) की 4 धाराओं, अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट (UAPA) की दो, विस्फोटक पदार्थ कानून की 3 धाराओं में दोषी ठहराया गया है। इन धाराओं में अधिकतम उम्रकैद का प्रावधान है। 2019 में जयपुर धमाकों के मामले में शाहबाज को छोड़कर इन चार लोगों को दोषी ठहराते हुए इसी विशेष अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी लेकिन 29 मार्च 2023 को राजस्थान हाईकोर्ट ने विशेष अदालत का फैसला पलटते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। अदालत ने अभियुक्तों को बरी करने का फैसला सुनाते हुए कहा था कि पुलिस के आतंकवाद-निरोधी दस्ता कोई सबूत पेश नहीं कर सका और इस धमाके में साजिश को साबित करने का कोई आधार नहीं साबित कर पाया।
फिलहाल फांसी की सजा के मामले में राज्य सरकार की अपील सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है।
