जयपुर

कानपुर के बाद अजमेर में ट्रेन को डिरेल करने की साजिश नाकाम, ट्रैक पर मिला एक क्विंटल का सीमेंट ब्लॉक

​​आज अजमेर में ट्रेन को डिरेल करने की साजिश रची गई। फुलेरा से अहमदाबाद रेल मार्ग परमें रेलवे ट्रैक पर एक क्विंटल सीमेंट का ब्लॉक ट्रेन को बे पटरी कराने के लिए रखा गया था। ट्रेन का इंजन इस ब्लॉक को तोड़ते हुए निकल गया। इससे पहले रविवार को कानपुर में भी ऐसी ही साजिश की गई थी।

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ट्रेन को डिरेल करने की साजिश

Ajmer Train Derail Conspiracy: राजस्थान के अजमेर में आज एक बड़ा ट्रेन हादसा टला है। कानपुर के बाद अब यहां भी ट्रेन को डिरेल करने की साजिश रची गई। अमजेर में सराधना-बांगड़ ग्राम स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर एक सीमेंट का ब्लॉक रखा गया था। ट्रेन का इंजन इस सीमेंट ब्लॉक को तोड़ते हुए निकल गया। आरपीएफ को घटनास्थल से सीमेंट के टुकड़े भी मिले हैं। इस मामले में मांगलियावास थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

ट्रेन को पलटाने की साजिश नाकाम

अजमेर में आज ट्रेन को पलटाने की साजिश नाकाम हुई है। यहां फुलेरा से अहमदाबाद रेल मार्ग पर ट्रेन, रेलवे ट्रैक पर रखे सीमेंट ब्लॉक से टकरा गई। जिससे ब्लॉक के टुकड़े हो गए। गनीमत रही कि इस ब्लॉक के कारण ट्रेन डिरेल होने से बच गई और एक बड़ा रेल हादसा टल गया। यह सीमेंट ब्लॉक एक क्विंटल वजन का था। ट्रेन ड्राइवर ने इस घटना की सूचना आरपीएफ को दी। जिसके बाद आरपीएफ ने घटनास्थल पर पहुंचकर ट्रैक का निरीक्षण किया। जहां से ट्रेन से टकराए सीमेंट ब्लॉक के टुकड़े बरामद हुए हैं।

राजस्थान में एक महीने में तीसरी ऐसी घटना

अजमेर से पहले रविवार को कानपुर में रेलवे ट्रैक पर सिलेंडर रखकर ट्रेन को डिरेल करने की साजिश रची गई थी। राजस्थान में एक महीने में यह तीसरी बार ट्रेन को बेपटरी करने की साजिश हुई है। इससे पहले 28 अगस्त को बारां के छबड़ा में मालगाड़ी के ट्रैक पर बाइक का स्क्रैप फेंका गया था। जिसमें इंजन बाइक के कबाड़ से टकरा गया। वहीं 23 अगस्त को पाली में अहमदाबाद-जोधपुर वंदे भारत ट्रैक पर रखे सीमेंट ब्लॉक से टकरा गई थी।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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