Jaipur News: जयपुर के जवाहर कला केंद्र की अलंकार दीर्घा में इन दिनों एक अनोखी कला प्रदर्शनी ‘चित्रायन: चित्रों की यात्रा’ का आयोजन हो रहा है, जो दर्शकों को न केवल रंगों और रेखाओं की दुनिया में ले जाती है, बल्कि भावनाओं, अध्यात्म और पौराणिकता की गहराइयों से भी जोड़ती है। प्रदर्शनी में आईएएस निधि चौधरी, निकिता तातेड़, परिधि जैन और शगुन अग्रवाल की कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं।
इस प्रदर्शनी की सबसे खास बात यह है कि इसमें आईएएस निधि चौधरी की पेंटिंग्स को पहली बार जयपुर में इतने बड़े स्तर पर प्रदर्शित किया गया है। महाराष्ट्र कैडर की यह अधिकारी मूल रूप से राजस्थान के डीडवाना जिले से हैं और अब तक देश भर में 20 से अधिक कला प्रदर्शनी आयोजित कर चुकी हैं।
उनकी पेंटिंग्स में अध्यात्म, प्रेम, प्रकृति और पौराणिक कथाओं का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। उनकी कला न केवल एक रचनात्मक प्रस्तुति है, बल्कि उनके प्रशासनिक और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन का प्रतीक भी है।
प्रदर्शनी में केदारनाथ और भगवान शिव पर आधारित कलाकृतियों के सामने बच्चे रुके और गहराई से सवाल-जवाब किए। दर्शकों ने सूफीज्म, मन, स्त्री और प्रेम जैसे विषयों पर आधारित रचनाओं में भी गहरी रुचि दिखाई। प्रदर्शनी का माहौल केवल देखने का नहीं, बल्कि सोचने और अनुभव करने का अवसर बन गया।
प्रदर्शनी में निकिता तातेड़ की मोजेक और मेश पेंटिंग्स, परिधि जैन की समकालीन कला, और शगुन अग्रवाल की सार्वभौमिक दृष्टिकोण वाली कलाकृतियां भी शामिल हैं। इन कलाकारों की विविध सोच और प्रस्तुति ने प्रदर्शनी को और अधिक समृद्ध और बहुआयामी बना दिया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा ने किया। इस अवसर पर विधायक युनूस खान, अहमदाबाद आईजी विधि चौधरी, और गुजरात के आणंद जिला कलक्टर प्रवीण चौधरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने कलाकारों की प्रशंसा करते हुए इसे कला के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल बताया।
‘चित्रायन: चित्रों की यात्रा’ प्रदर्शनी रविवार, 31 अगस्त तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। जयपुर के कला प्रेमियों के लिए यह एक ऐसा अवसर है, जिसे छोड़ना नहीं चाहिए। यह प्रदर्शनी केवल चित्रों की यात्रा नहीं, बल्कि विचारों, भावनाओं और अनुभवों की यात्रा है जो लंबे समय तक याद रहेगी।
