Rajasthan Assembly Elections 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव में बंपर मतदान से भाजपा का शीर्ष नेतृत्व गदगद है। 25 नवंबर को राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों में से 199 विधानसभा सीटों पर मतदान किया गया। राजस्थान चुनाव में इस बार 74.96 फीसदी तक वोटिंग हुई है, जो पिछली बार के मुकाबले एक फीसदी ज्यादा है। राज्य में इस समय अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार है और विपक्ष में बैठी भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता पर काबिज होने के लिए बूथ स्तर तक मजबूत किलेबंदी की। भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में उत्कृष्ट बूथ प्रबंधन का उदाहरण पेश किया है। बीजेपी ने डिजिटल तंत्र को भी बूथ स्तर तक खड़ा किया। अपने इस माइक्रो मैनेजमेंट के चलते बीजेपी संगठन राजस्थान में प्रचंड बहुमत को लेकर आश्वस्त है।
खुले शब्दों में भाजपा के प्रदेश स्तर के नेता पार्टी को स्पष्ट जनादेश मिलने की बात कह रहे हैं। इसी बीच राजस्थान चुनाव नतीजों से पहले भाजपा राजस्थान के महामंत्री संगठन चंद्रशेखर बीकानेर पहुंचे और धर्मचक्रवर्ती, तुलसीपीठ के संस्थापक, पद्मविभूषण, जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज से मिले। महामंत्री संगठन चंद्रशेखर बुधवार को बीकानेर के दौरे पर रहे। यहां उन्होंने 108 कुंडीय श्री रामचरितमानस महायज्ञ में भाग लिया। वहीं स्वामी श्री रामभद्राचार्य से रामकथा भी सुनी। रामभद्राचार्य जी महाराज ने मंच पर महामंत्री संगठन का अभिनंदन किया।
मंच से कही ये बड़ी बात
बता दें कि मतदान के बाद महामंत्री संगठन चंद्रशेखर राज्य में जगह जगह दौरा कर रहे हैं और पार्टी द्वारा किए गए चुनाव प्रबंधन की समीक्षा कर रहे हैं। इस क्रम में वह सीकर पहुंचे थे और उसके बाद प्रवास पर बीकानेर पहुंचे। यहां पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। बीकानेर में जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज से मिलने के बाद उन्होंने मंच से अपने संबोधन में कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी की ओर से महाराज श्री रामभद्राचार्य के चरणों में नमन करता हूं और निवेदन करता हूं कि उनके द्वारा दिए गए वचनों को हम जन जन तक पहुंचाएं। साथ ही भाजपा को उन्होंने जो आशीष दिया है, उसके लिए मैं नमन करता हूं।
देश में चल रहा धर्म जागरण का काम
उन्होंने कहा कि श्री रामभद्राचार्य जी महाराज को नमन करते हुए कहा कि पूज्य गुरुदेव रामभद्राचार्य जी महाराज के द्वारा जो पूरे देश में जनजागरण का कार्य, देशभक्ति जागरण का कार्य हो रहा है, रामकथा का उनके श्री मुख प्रचार प्रसार हो रहा है, ऐसा लगता है जैसे देवी सरस्वती स्वयं विराजमान है और निश्चित रूप से जिस भावना के साथ संपूर्ण देश में धर्म जागरण का काम चल रहा है, उससे बीकानेर की यह धरती धन्य हो गई है।
