जयपुर

BJP MLA कंवरलाल मीणा की विधायकी खत्म, SDM पर तानी थी पिस्टल; जानें क्या है पूरा मामला

BJP MLA Kanwarlal Tterminates: राजस्थान विधानसभा ने भाजपा विधायक कंवर लाल मीणा की सदस्यता समाप्त कर दी। उन्हें साल 2003 में एसडीएम पर पिस्तौल तानने के आरोप में दोषी ठहराया गया और तीन साल जेल की सजा सुनाई गई। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, मीना की सदस्यता 1 मई से प्रभावी रूप से समाप्त हो गई है।

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कंवरलाल मीणा की विधायकी खत्म

BJP MLA Kanwarlal Tterminates: राजस्थान की राजनीति में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। शुक्रवार को बारा जिले की अंता विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक कंवरलाल मीणा की विधानसभा सदस्यता खत्म कर दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कानूनी सलाह के आधार पर यह निर्णय लिया। जानकारी के मुताबिक, कंवरलाल मीणा को 20 साल पुराने आपराधिक मामले में दोषी ठहराते हुए 3 साल की सजा दी गई थी, जिसके तहत उनकी विधायकी 1 मई 2025 को समाप्त हो गई थी। कंवरलाल मीणा पर साल 2003 में तत्कालीन उपजिलाधिकारी (SDM) पर पिस्तौल तानने, सरकारी काम में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। इसी मामले में अदालत ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई थी।

क्या था मामला

एक अधिकारी ने कहा कि प्राप्त कानूनी राय में सुप्रीम कोर्ट के उदाहरणों का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि विधायक की सदस्यता समाप्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक नहीं लगाई थी। मीणा ने अपनी सजा को निलंबित करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी और उन्हें दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। उन्होंने 21 मई को अकलेरा कोर्ट में आत्मसमर्पण किया और वर्तमान में जेल में बंद हैं। 14 दिसंबर 2020 को झालावाड़ की एडीजे अकलेरा अदालत ने 20 साल पुराने मामले में सरकारी काम में बाधा डालने, सरकारी अधिकारियों को धमकाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाते हुए मीना को तीन साल कैद की सजा सुनाई थी।

विधानसभा सचिवालय ने इससे पहले मीना को नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट से मिली किसी भी राहत के बारे में 7 मई तक जवाब देने को कहा था। उनकी सजा पर रोक न लगने के कारण सचिवालय ने अयोग्यता की प्रक्रिया शुरू कर दी। चुनाव आयोग को रिक्त सीट के बारे में सूचित कर दिया गया है। अब, अंता सीट पर छह महीने के भीतर उपचुनाव होगा, संभवतः अक्टूबर 2025 से पहले।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और अन्य कांग्रेस विधायक तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उन्होंने मीना की सजा को लेकर स्पीकर को कई ज्ञापन सौंपे और राज्यपाल से भी मुलाकात की। डोटासरा ने विधानसभा से मीना की बर्खास्तगी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक्स पर एक पोस्ट में कहा: "कांग्रेस पार्टी के भारी दबाव और विपक्ष के नेता द्वारा अवमानना याचिका दायर करने के बाद, भाजपा के दोषी विधायक कंवर लाल की सदस्यता रद्द करनी पड़ी। लोकतांत्रिक व्यवस्था में संविधान सर्वोच्च है।"

जूली ने भी इस फैसले को "लोकतंत्र और संविधान की गरिमा की जीत" करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई प्रतिनिधिमंडलों ने राज्यपाल और स्पीकर को ज्ञापन सौंपे, लेकिन भाजपा सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया, जो कि "लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है"। 200 सीटों वाली राजस्थान विधानसभा में भाजपा के 118 विधायक हैं और कांग्रेस के 66 विधायक हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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