जयपुर

Rajasthan News : जयपुर बम विस्फोट मामले में दोषियों को सजा दिलाने का प्रयास करेगी सरकार, जानिए क्‍या बोले गहलोत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 25, 2023, 08:17 PM IST

Rajasthan News : अलवर के रकबर मॉब लिंचिंग केस में चारो आरोपियों को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई गई। गहलोत ने इस पर कहा कि फैसले की समीक्षा करवाएंगे कि इसमें क्‍या लिखा है, बाद में देखेंगे क‍ि क्‍या कर सकते हैं।

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सीएम अशोक गहलोत।

Photo : BCCL

Rajasthan News : राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को कहा है कि, सरकार जयपुर बम व‍िस्‍फोट मामले में दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास करेगी और इसके लिए उसने उच्‍चतम न्‍यायालय में भारत सरकार के अटॉर्नी जनरल को अपना वकील नियुक्त किया है। इसके साथ ही गहलोत ने कहा क‍ि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपने चुनावी अभियान को राज्‍य सरकार की योजनाओं और कामकाज तक सीमित रखेगी। जयपुर में सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा, सरकार का यह प्रयास रहेगा कि ऐसे मामलों में कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित हो। इसलिए हमने अटॉर्नी जनरल को उच्चतम न्‍यायालय में वकील नियुक्त किया है।

उल्‍लेखनीय है क‍ि

अदालत ने आरोपियों को किया था बरी

राजस्थान की राजधानी जयपुर में 13 मई 2008 को सिलसिलेवार हुए आठ बम धमाकों में कम से कम 71 लोगों की मौत हुई थी और 180 से अधिक लोग घायल हुए थे। राजस्थान उच्च न्यायालय ने जयपुर में बम विस्फोट मामले में 29 मार्च को निचली अदालत का फैसला पलट दिया था। इसके अलावा उन्‍होंने चार आरोपियों मोहम्मद सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सलमान और सैफुर्रहमान को बरी कर दिया था, जिन्हें विशेष अदालत ने 2019 में फांसी की सजा सुनाई थी। उच्‍च न्‍यायालय ने फैसला सुनाते हुए जांच एजेंसी को फटकार भी लगाई थी। इस पूरे मुद्दे को लेकर मुख्‍य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस मुद्दे को लेकर लगातार सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर हमलावर रही है। इस पर गहलोत ने कहा कि विपक्ष वालों के पास कोई और मुद्दा है नहीं, इसलिए ये लोग ये मुद्दे उठाते हैं।

मॉब लिंचिंग मामले की की कराएंगे जांच

अलवर के रकबर मॉब लिंचिंग केस में चारो आरोपियों को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई गई। गहलोत ने इस पर कहा कि फैसले की समीक्षा करवाएंगे कि इसमें क्‍या लिखा है, बाद में देखेंगे क‍ि क्‍या कर सकते हैं। गहलोत ने कहा क‍ि ये दोनों ही घटनाएं पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई थीं। मौजूदा कांग्रेस सरकार आने के बाद सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले में आरोपियों को निचली अदालत में फांसी की सजा हुई थी।

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