जयपुर

राजस्थान में 24 जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू, जल्द इनकी संख्या 33 होगी: चिकित्सा शिक्षा कमिश्नर

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 27, 2023, 05:00 PM IST

Navbharat Navnirman Manch Rajasthan: चिकित्सा शिक्षा कमिश्नर ने कहा कि हर जिले में मेडिकल कॉलेज शुरू होने पर पीएचसी एवं सीएचसी स्तर पर डॉक्टर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होंगे। जिन बीमारियों का यहां इलाज नहीं हो पाता है, उन असाध्य एवं गंभीर बीमारियों का इलाज यहां हो पाएगा। साथ ही जिले स्तर पर स्पेशियलिटी वाले डॉक्टर उपलब्ध होंगे।

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राजस्थान में 22 मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुके हैं।

Navbharat Navnirman Manch Rajasthan: राजस्थान में स्वास्थ्य क्षेत्र का ढांचा मजबूत बनाने के लिए गहलोत सरकार तेजी से काम कर रही है। जिले स्तर पर लोगों को गंभीर बीमारियों का इलाज हो जाए इसके लिए राज्य सरकार ने ज्यादातर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित कर चुकी है। 24 जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हो गए हैं। गहलोत सरकार की योजना अगले साल तक 33 राज्यों में 33 मेडिकल कॉलेज शुरू कर देने की है। खाद्य एवं औषधि नियंत्रण के अतिरिक्त प्रभारी एवं चिकित्सा शिक्षा कमिश्नर शिव प्रसाद नकाटे ने बेबाकी से बात की। नवभारत नवनिर्माण मंच पर नकाटे ने नए मेडिकल कॉलेजों के बारे में हमारे साथ जानकारी साझा की।

24 जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू -चिकित्सा शिक्षा कमिश्नर

चिकित्सा शिक्षा कमिश्नर ने कहा कि हर जिले में मेडिकल कॉलेज शुरू होने पर पीएचसी एवं सीएचसी स्तर पर डॉक्टर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होंगे। जिन बीमारियों का यहां इलाज नहीं हो पाता है, उन असाध्य एवं गंभीर बीमारियों का इलाज यहां हो पाएगा। साथ ही जिले स्तर पर स्पेशियलिटी वाले डॉक्टर उपलब्ध होंगे। राज्य में 24 जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुके हैं और सात जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू होने जा रहे हैं। अगले साल तक 33 जिलों में 33 मेडिकल कॉलेज काम करने लगेंगे।

'छात्रों को यूक्रेन और रूस जाने की जरूरत नहीं'

नकाटे ने आगे बताया कि जिले स्तर पर मेडिकल कॉलेज शुरू होने पर मेडिकल की सीटें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जाएंगी। चिकित्सा की पढ़ाई करने के लिए छात्रों को यूक्रेन और रूस जाने की जरूरत नहीं होगी। अपने प्रदेश में ही उन्हें पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। राज्य में संसाधनों की कमी नहीं है। स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार पूरा सहयोग एवं मदद कर रही है।

राज्य में कैंसर वैन की शुरुआत हुई

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता में स्वास्थ्य क्षेत्र है। सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टर कैंप लगाकर गांव के लोगों का इलाज कर रहे हैं। इन दिनों महिलाओं के अंदर सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। पहले और दूसरे स्टेज पर इसकी पहचान करना जरूरी है। इसके लिए कैंसर वैन शुरू की गई है। सात संभाग मुख्यालयों पर ये वैन जाएगी। इस वैन में हाइटेक मशीन लगी हैं। वैन में टेलीकान्फ्रेंसिंग की सुविधा भी है। वैन के साथ सुपर स्पेशियलिटी के डॉक्टर भी होंगे। दूरदराज वाले इलाके में नियमित रूप से कैंप आयोजित हो रहे हैं। पीएचसी एवं सीएचसी सेंटर पर नि:शुल्क जांच की जाती है।

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