Jaipur Factory Fire: राजस्थान (Rajasthan) की राजधानी जयपुर में एक पटाखा फैक्ट्री में आज भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग करते हुए फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सुबह 11:30 पर लगी आग
मिली जानकारी के अनुसार यह पटाखा फैक्ट्री जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में स्थित है। मामले की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया, "हमें खोह नागोरियान क्षेत्र में आग लगने की सूचना मिली थी। हमें सुबह करीब 11:30 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और करीब 20 से 25 मिनट के भीतर आग पर काबू पा लिया गया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और इसमें कई एजेंसियां शामिल हैं। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम भी मौके पर पहुँच रही है, जो इस बात की पड़ताल करेगी कि यह किस तरह की फैक्ट्री थी और यहाँ क्या बनाया जा रहा था।
डॉक्टरों की टीम अलर्ट
सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने इस मामले पर अपडेट देते हुए कहा कि, "एसएमएस अस्पताल में अब तक इस हादसे से जुड़े छह लोगों को लाया गया है। इनमें से एक व्यक्ति को अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन लोगों की मौत हादसे के वक्त मौके पर ही हो गई थी। इस तरह अब तक कुल आठ लोगों की जान जा चुकी है।" प्रिंसिपल ने आगे बताया कि बाकी बचे मरीजों का इलाज अस्पताल के विशेष बर्न वार्ड में चल रहा है। सभी मरीज 50 प्रतिशत से ज्यादा झुलस चुके थे। डॉक्टरों की पूरी टीम मरीजों की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए।
परिजनों का फूटा गुस्सा
अस्पताल के बाहर अपनों की सलामती की दुआ मांग रहे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिवार अब इस लापरवाही के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं। हादसे में घायल हुए एक मजदूर के भाई जाकिर ने बताया, "हमारे भाई इसी पटाखा फैक्ट्री में काम करते थे और वहीं पास में किराए का मकान लेकर रहते थे। उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनकी परवरिश अब संकट में है। हम इस मामले को ऐसे नहीं छोड़ेंगे, हम फैक्ट्री प्रबंधन पर केस करेंगे और अपने भाई के लिए न्याय लेकर रहेंगे।"
'अवैध रूप से चल रही थी फैक्ट्री'
एक अन्य घायल की परिजन रिजवाना ने प्रशासन और फैक्ट्री संचालन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पटाखा फैक्ट्री पूरी तरह से अवैध रूप से रिहायशी इलाके या गुपचुप तरीके से चलाई जा रही थी। रिजवाना ने कहा, "हमारा बच्चा इस समय अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। हम इस कंपनी और इसके मालिकों के खिलाफ सख्त धाराओं में केस दर्ज करवाएंगे।"
प्रशासनिक जांच शुरू
फैक्ट्री में आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट या बारूद के अवैध भंडारण को मुख्य वजह माना जा रहा है। परिजनों के 'अवैध फैक्ट्री' होने के दावों के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
