देश में अगले चार दिन मानसून का विकराल रूप देखने को मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य भारत में बना गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) और पश्चिमी हिमालय में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) मिलकर कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं। इससे कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Floods), जलभराव और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है।
इन राज्यों में होगी भारी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी अगले 3 से 4 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
क्यों बढ़ रही है बारिश?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ओडिशा तट से उठा 'डीप डिप्रेशन' मध्य भारत की ओर बढ़ते हुए काफी मात्रा में नमी ला रहा है, जबकि दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर में 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' सक्रिय है। यह दोनों वेदर सिस्टम एक-दूसरे के प्रभाव में आ रहे हैं। इससे वातावरण में नमी और अस्थिरता बढ़ जाती है, जिसके कारण तेज बारिश, गरज-चमक और लंबे समय तक बारिश होने की संभावना रहती है। इससे पहले भी ऐसे वेदर सिस्टम के मिलने से भारी बारिश देखने को मिली है।
पहाड़ी इलाकों में ज्यादा खतरा
भारी बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और सड़क, रेल व हवाई सेवाओं पर प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही नदियों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में बाढ़ आने की भी आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, खराब मौसम के दौरान उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।
लोगो से सावधान रहने की अपील
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 72 से 96 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। दोनों वेदर सिस्टम की दिशा और गति में थोड़ा भी बदलाव बारिश की तीव्रता और प्रभावित इलाकों को बदल सकता है। फिलहाल अनुमान है कि पूरे सप्ताह मानसून एक्टिव रहेगा। इससे कई इलाकों में अच्छी बारिश होगी, लेकिन इसके साथ मौसम से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने लोगों को भारी बारिश के दौरान यात्रा करने से बचने या सावधानी बरतने की सलाह दी है।
