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हिमाचल आने वालों लोगों को झटका! बढ़ाया गया एंट्री टैक्स, 1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें

हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की एंट्री फीस बढ़ने से पर्यटन और परिवहन खर्च में इजाफा होने वाला है। राज्य सरकार ने नई टोल बैरियर नीति लागू करते हुए 1 अप्रैल 2026 से संशोधित दरें लागू करने का फैसला किया है। साथ ही, 55 टोल बैरियरों की नीलामी से 185 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।

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हिमाचल प्रदेश में गाड़ियों की एंट्री फीस बढ़ी (सांकेतिक फोटो)

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश घूमने की योजना बना रहे लोगों के लिए अब सफर थोड़ा महंगा होने वाला है। राज्य सरकार ने दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर लगने वाली एंट्री फीस में 30 रुपये से लेकर 230 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। संशोधित दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। इस फैसले का असर न केवल पर्यटकों पर पड़ेगा, बल्कि परिवहन और माल ढुलाई की लागत भी बढ़ सकती है। सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। नई टोल बैरियर नीति के तहत एंट्री फीस की वसूली सीधे बैरियरों पर की जाएगी और इसके लिए फास्टैग का उपयोग अनिवार्य होगा। साथ ही, टोल बैरियरों की नीलामी अब ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी। प्रत्येक जिले में उपायुक्त (डीसी) की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जो इन बैरियरों के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी संभालेगी।

185 करोड़ का राजस्व जुटाने का लक्ष्य

हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस वर्ष राज्य के 55 टोल बैरियरों की नीलामी के जरिए 185 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य तय किया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रिजर्व प्राइस को पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की तुलना में 20 करोड़ रुपये बढ़ाया गया है। प्रमुख बैरियरों की बात करें तो मेहतपुर-गगरेट का रिजर्व प्राइस 36.72 करोड़ रुपये, बद्दी का 48.66 करोड़ रुपये और परवाणू बैरियर का 22.48 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। शिमला जिले के कुड्डू बैरियर का रिजर्व प्राइस 46.77 लाख रुपये रखा गया है। सिरमौर जिले के चार बैरियरों के लिए कुल 33.94 करोड़ रुपये, बिलासपुर बैरियर के लिए 25.67 करोड़ रुपये और नूरपुर के दो बैरियरों के लिए 17.05 करोड़ रुपये का रिजर्व प्राइस तय किया गया है। नई व्यवस्था के तहत बैरियर संचालकों को अपने खर्च पर सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। साथ ही, सात बैरियरों को फास्टैग प्रणाली से जोड़ा गया है, ताकि एंट्री फीस की वसूली डिजिटल माध्यम से की जा सके। मार्च 2025 में राज्य सरकार ने निजी वाहनों के प्रवेश शुल्क में 10 रुपये की बढ़ोतरी की थी।

कितना-कितना होगा शुल्क?

अब नई दरों के अनुसार 6 से 12 सीटों वाले यात्री वाहनों को 130 रुपये और 12 से अधिक सीट क्षमता वाले वाहनों को 200 रुपये चुकाने होंगे। भारी मालवाहक वाहनों के लिए शुल्क 720 रुपये से बढ़ाकर 900 रुपये कर दिया गया है, जबकि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी ढोने वाले वाहनों को अब 570 रुपये की बजाय 800 रुपये देने होंगे। यह शुल्क न सिर्फ अन्य राज्यों के नंबर वाले भारी वाहनों से वसूला जाएगा, बल्कि हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत ऐसे वाहनों पर भी लागू रहेगा। राज्य के मालवाहक वाहनों को प्रवेश शुल्क में किसी प्रकार की छूट नहीं दी गई है। व्यावसायिक वाहनों के लिए शुल्क 320 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है। 32 सीटर मिनी बस के लिए 180 रुपये की जगह 320 रुपये, डबल एक्सेल बस और ट्रक के लिए 570 रुपये, ट्रैक्टर के लिए 100 रुपये और रिक्शा के प्रवेश पर 30 रुपये निर्धारित किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय इन नई दरों के आधार पर ही त्रैमासिक और वार्षिक पास जारी किए जाएंगे। प्रदेश के 55 टोल बैरियरों पर लागू होने वाली ये दरें कर एवं आबकारी विभाग द्वारा निर्धारित की गई हैं।

Poonam Sharma
पूनम शर्मा author

पूनम शर्मा ने एचपीयू से मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री की है, करीब 2 साल से टाइम्स नेटवर्क के लिए हिमाचल ब्यूरो के रूप में काम कर रही हैं, 2008 में... और देखें

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