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हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही; ब्यास नदी की उफनती धाराओं में समाया होटल, देखें वीडियो

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते हालात गंभीर हो गए हैं। कई जिलों में भूस्खलन और बाढ़ से इमारतें ढह गईं और सड़क संपर्क टूट गया। ब्यास नदी की तेज धाराओं ने होटल और दुकानें बहा दीं। प्रशासन ने एहतियातन स्कूल-कॉलेज बंद करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही, इससे यातायात भी बुरी तरह से प्रभावित हो रखा है, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

Himachal Pradesh Floods: इन दिनों में पहाड़ी राज्यों में बरसात का प्रकोप देखने को मिल रहा है। इसी बीच, हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। कई दुकानें बह गईं, इमारतें ढह गईं, मुख्य राजमार्गों से संपर्क टूट गया और कई आवासीय क्षेत्र पानी में डूब गए। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। हालांकि, सोमवार रात से अब तक किसी भी जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। स्थानीय मौसम विभाग ने कांगड़ा, चंबा और लाहौल-स्पीति जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए मंगलवार के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

ब्यास नदी की धाराओं में समाया होटस

हिमाचल प्रदेश के ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन, मंडी, कुल्लू जिलों और शिमला शहर में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार तड़के कुल्लू जिले के अखाड़ा बाजार में ब्यास नदी की तेज धाराओं ने एक बहुमंजिला होटल और चार दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया और बहा दिया। तेज बहाव के कारण मनाली के आलू मैदान में पानी भर गया, जबकि मनाली-लेह राजमार्ग कई स्थानों पर बाधित हो गया है। इसके अलावा, कुल्लू में घनवी खड्ड का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।

शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के आदेश

मंडी जिले के बालीचौकी क्षेत्र में सोमवार देर रात दो इमारतें गिर गईं, जिनमें लगभग 40 दुकानें थीं। खतरे को देखते हुए इन इमारतों को पहले ही खाली करा लिया गया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। वहीं, किन्नौर जिले के कांवी इलाके में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के आदेश दिए हैं। मंडी, कांगड़ा, चंबा, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और बंजार व कुल्लू जिलों में सोमवार शाम को यह आदेश जारी किया गया, जबकि शिमला जिला प्रशासन ने मंगलवार सुबह सरकारी और निजी सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया।

मंडी-कुल्लू के बीच संपर्क टूटा

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भूस्खलन और नदियों के उफान ने हालात को और भी गंभीर बना दिया है। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर मंडी और कुल्लू के बीच झलोगी, बनाला और दवाड़ा के पास भारी भूस्खलन के चलते यातायात पूरी तरह बंद हो गया है। इसके अलावा मंडी से कुल्लू के बीच वैकल्पिक कटौला-कमांद मार्ग भी कनौज के पास बंद हो गया है, जिससे दोनों जिलों के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

जिंदगी में पहली बार देखा ऐसा मंजर

पंजाब के संगरूर से आए टैक्सी चालक पंकज शर्मा ने बताया कि वे बीते दिन से पंडोह के पास जाम में फंसे हैं। उन्होंने कहा कि ना खाने का इंतजाम है, ना पानी का। प्रशासन पूरी तरह नाकाम नजर आ रहा है। इसी तरह पंजाब से कुल्लू के कसोल, जिभी और मनाली घूमने आए जयदीप सिंह ने कहा, "हमें यहां जाम में फंसे दो दिन हो चुके हैं, लेकिन किसी तरह की कोई सहायता नहीं मिली है। ऐसा नजारा जिंदगी में पहली बार देखा है। अब भविष्य में हिमाचल आने से पहले सौ बार सोचूंगा।"

हजारों पर्यटक और स्थानीय लोग प्रभावित

हाईवे बंद होने के चलते पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं और कई स्थानों पर लोगों को खुले आसमान के नीचे रुकना पड़ रहा है। प्रशासन का दावा है कि राहत कार्य जारी हैं, लेकिन जमीन पर हालात गंभीर बने हुए हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे संकट और बढ़ सकता है।

(इनपुट - भाषा)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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