चंडीगढ़ : पंजाब में नशे के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा, शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 2007 से 2017 के बीच अकाली दल-भाजपा सरकार के दौरान पंजाब में चिट्टे, दूसरे नशीले पदार्थों और गैंगस्टरवाद का प्रसार हुआ। वहीं, कांग्रेस की 2017 से 2022 तक की सरकार भी इस समस्या पर प्रभावी रोक नहीं लगा सकी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीमा ने दावा किया कि पंजाब में नशे का इस्तेमाल 5.5 प्रतिशत घटा है, जबकि दिल्ली में 28 प्रतिशत, हरियाणा में 42 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 18 प्रतिशत और मध्य प्रदेश में 51 प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े केंद्र सरकार के डेटा पर आधारित हैं। हालांकि, उन्होंने संबंधित रिपोर्ट और आंकड़ों की समयावधि का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया।
'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान के आंकड़े बताए
चीमा के मुताबिक, भगवंत मान सरकार ने नशा तस्करी और गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स बनाई और सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए। उन्होंने दावा किया कि गैंगस्टरों और अपराधियों के खिलाफ अभियानों में 2,105 घोषित भगोड़ों को पकड़ा गया, जबकि कुल 81,499 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान के तहत 31 मार्च 2025 से अब तक नशीले पदार्थों से जुड़े 68,545 मामले दर्ज किए गए और करीब 90,000 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके अनुसार, कार्रवाई के दौरान लगभग 450 किलोग्राम हेरोइन, 23 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग मनी, 67 लाख से ज्यादा नशीले कैप्सूल, करीब 4,200 इंजेक्शन और 84 किलोग्राम नशीला पाउडर बरामद किया गया।
गुजरात को लेकर भाजपा पर हमला
चीमा ने आरोप लगाया कि गुजरात में भाजपा के 30 साल से अधिक समय तक शासन के बावजूद राज्य नशीले पदार्थों की देशभर में आपूर्ति का एक प्रमुख माध्यम बन गया है। उन्होंने भाजपा से अपने शासन वाले राज्यों में नशे की स्थिति पर जवाब देने को कहा।
आप नेता ने बिहार के डीजीपी कुंदन कृष्णन के कथित बयान का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, डीजीपी ने दूसरे राज्यों को नशे के खिलाफ पंजाब की कार्रवाई से सीख लेने की बात कही थी। चीमा ने कहा कि भगवंत मान सरकार नशा तस्करों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी। उन्होंने कांग्रेस और अकाली दल-भाजपा पर नशे की समस्या के लिए जिम्मेदार होने का आरोप भी लगाया।
