Betwa River Bridge Accident: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने मामले की जांच के लिए दो उच्चस्तरीय समितियां बनाई हैं। इस हादसे में 6 मजदूरों ने अपनी जान गंवाई थी। जिसके बाद अब पुल के निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और तकनीकी खामियों की गहन जांच की जाएगी। वहीं पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है।
पुल हादसे के बाद निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, बेतवा नदी पर बन रहे पुल का P-5 और P-6 पिलर के बीच बना सेगमेंटल स्पान गुरुवार रात अचानक ढह गया था, जिससे 6 मजदूरों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद थाना कुरारा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) और 125(A) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, डिजाइन की मजबूती और सुरक्षा मानकों के पालन की भी विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रभावित परिवारों को पेंशन और सरकारी योजनाओं का लाभ
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। वहीं निर्माण कंपनी ने भी सभी मृतक के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। इसके अलावा श्रम विभाग पात्र परिवारों को 1.25 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी।
इस हादसे के कारण प्रभावित परिवारों को कई सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। जिनमें पेंशन, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, राशन कार्ड और आवास योजनाएं आदि शामिल हैं। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर राजेश पाल की दो बेटियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ मिलेगा। दोनों बच्चियों को 18 साल की उम्र तक हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
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