गुरुग्राम

Work From Home के नाम पर गुरुग्राम में महिला से ठगी, 11 लाख खाते से उड़ाए

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 23, 2023, 10:05 AM IST

Gurgaon News: ठगी की शिकार महिला ने साइबर पुलिस के सामने मामले की शिकायत की है, जिसके बाद आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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गुरुग्राम में महिला से साइबर फ्रॉड

Photo : iStock

Gurgaon News: गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम के नाम पर महिला से ठगी का मामला सामने आया है। यहां महिला को यूट्यूब वीडियो से कमाई का झांसा देकर 11 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। इसके बाद मानेसर की साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित महिला मूलरूप से आगरा की रहने वाली है। वह वर्तमान में गुरुग्राम के सेक्टर 85 की रहने वाली है। उसने बताया, वह वर्क फ्रॉम होम नौकरी की तालश में थी, तभी उसे यह ऑफर मिला था।

वीडियो लाइक करने पर मिलने थे पैसे

महिला ने बताया, मुझे व्हाट्सएप पर एक मैसेज मिला, जिसमें कहा गया कि मुझे कुछ यूट्यूब चैनलों को सब्सक्राइब करना है और वीडियो को लाइक करना है। महिला ने बताया, इस मैसेज में कहा गया कि अगर मैं यह जॉब करना चाहती हूं तो मुझे दिए गए नंबर पर बात करनी होगी। महिला ने बताया, उसे पहला टास्क 13 अप्रैल को मिला।

टेलीग्राम ग्रुप पर किया ऐडमहिला ने बताया कि आरेापी ने उसे टेलीग्राम ग्रुप का एक लिंक शेयर किया था। जब मैंने लिंक खोला, तो उसमें कई लोगों ने अपने ट्रांजेक्शन के स्क्रीनशॉट साझा किए हुए थे। इसके बाद आरोपी ने मुझसे 5000 रुपये निवेश करने को कहा। उसने बताया, इसके बाद उसे 6440 रुपये मिले, जिसके बाद वह आश्वस्त हो गई कि यह कोई स्कैम नहीं है। हालांकि, इसके बाद आरोपी ने महिला से 11 लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस ने बताया, इस मामले में आईपीसी की कई धाराओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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