Dwarka Expressway: गुरुग्राम के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। नई दिल्ली में महिपालपुर के शिव मंदिर से शुरू होकर गुरुग्राम के खेड़की धौला तक बन रहे 29 किलोमीटर लंबे द्वारका एक्सप्रेसवे का 19 किलोमीटर लंबा गुरुग्राम खंड बनकर तैयार हो गया है। इस खंड को जल्द ही यातायात के लिए खोला जा रहा है। जिसके बाद गुरुग्राम से दिल्ली आना-जाना आसान हो जाएगा। एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक, इस एक्सप्रेसवे को अलग-अलग चरणों में खोला जाएगा। इसके कुछ हिस्से सार्वजनिक उपयोग के लिए पहले से ही खुल चुके हैं और 19 किमी का यह खंड फरवरी माह तक पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। वहीं बाकि बचे 10 किमी के हिस्से को इसी साल जून माह तक शुरू कर दिया जाएगा।
बता दें कि, उत्तरी पेरिफेरल रोड या एनएच 248-बीबी को आमतौर पर द्वारका एक्सप्रेसवे कहा जाता है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के शिव मूर्ति के पास एनएच -8 से शुरू होकर द्वारका सेक्टर-21 होते हुए गुरुग्राम के खेड़की धौला टोल प्लाजा को कनेक्ट करता है। इससे दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख सड़कों पर यातायात की स्थिति कम होने की उम्मीद है। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य मार्च 2019 में शुरू किया गया था। पहले इसके गुरुग्राम वाले हिस्से को बीते साल दिसंबर माह तक खोला जाना था, लेकिन काम अधूरा होने के कारण इसे मार्च 2023 तक बढ़ा दिया गया था। हालांकि अब जबकि कार्य लगभग पूरा हो चुका है तो इसे फरवरी तक खोले जाने की बात कही जा रही है।
दिल्ली-गुरुग्राम हाईवे पर वाहनों का दबाव होगा कम
द्वारका एक्सप्रेसवे को 9 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। इसके पूरी तरह से खुलने के बाद गुरुग्राम से दिल्ली आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा। इसके बनने के बाद एनएच-48 पर वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। जिससे दिल्ली-गुरुग्राम हाईवे पर रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। इसके माध्यम से लोग दिल्ली का सफर 30 से 40 मिनट में पूरा कर लेंगे। इस एक्सप्रेसवे के साथ पश्चिमी दिल्ली के अलावा इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, द्वारका सेक्टर-25 का इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर भी सीधे तौर पर जुड़ेंगे। एक तरह से यह एक्सप्रेसवे एनएच-8 के बाईपास के तौर पर काम करेगा। इस परियोजना की आधारशिला रखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि, यह एक्सप्रेसवे, "दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे का हिस्सा है।"
