गुरुग्राम

हरियाणा में बदली स्कूलों की टाइमिंग, अब इतने बजे से चलेंगी क्लासेस; दुर्गाष्टमी पर सरकार ने बनाया ये प्लान

हरियाणा सरकार ने दुर्गाष्टमी के अवसर पर 5 अप्रैल को सरकारी स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया है। आदेश के मुताबिक, कल 2 घंटे लेट से यानी को सुबह 10 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक क्लासेस संचालित होंगी।

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(फाइल फोटो)

गुरुग्राम : हरियाणा में दुर्गाष्टमी के अवसर पर स्कूलों की टाइमिंग में बड़ा बदलाव किया गया है। 5 अप्रैल को सुबह 10 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक क्लासेस संचालित होंगी। वैसे सामान्य दिनों में स्कूल सुबह 8 बजे शुरू होकर दोपहर 2:30 बजे तक चलते हैं, लेकिन इस खास दिन दो घंटे की देरी से कक्षाएं शुरू करने का फैसला लिया गया है। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (डीईईओ) को इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। यह बदलाव शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए सामान्य तौर पर लागू होगा। आदेशित किया गया है कि अपने स्तर पर विद्यालय के समय में कोई बदलाव ना किया जाए। दोहरी शिफ्ट वाले विद्यालयों में पहली शिफ्ट का समय प्रातः 10 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक रहेगा तथा दूसरी शिफ्ट का समय अन्य दिनों की भांति समान रहेगा, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

राजकीय विद्यालयों में नया नियम लागू

दरअसल, देशभर के साथ हरियाणा में भी दुर्गाष्टमी का पर्व धूम रहती है। लिहाजा इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। निदेशालय ने स्पष्ट किया कि 5 अप्रैल को सभी राजकीय विद्यालयों में नया समय लागू होगा। स्थानीय स्तर पर समय में कोई अतिरिक्त परिवर्तन न करने की हिदायत दी गई है।

ईटीवी भारत के हवाले से पहली शिफ्ट का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा, जबकि दूसरी शिफ्ट का समय सामान्य दिनों की तरह ही रहेगा। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी स्कूल इस निर्देश का सख्ती से पालन करें ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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