Gujarat Police: 'कानून के हाथ लंबे होते हैं'— यह कहावत सूरत क्राइम ब्रांच ने एक बार फिर सच साबित कर दिखाई है। सूरत पुलिस ने दो दशक से भी ज्यादा समय (22 साल) से फरार चल रहे चोरी के एक आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के दौरान जो वाकया जमीन पर हुआ, वह किसी बॉलीवुड फिल्म के सीन से कम नहीं था।
सूरत पुलिस आयुक्त के कड़े निर्देश पर गंभीर और लंबे समय से वांछित अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत एंटी ऑर्गेनाइज्ड क्राइम स्क्वॉड को सूचना मिली कि साल 2005 से फरार चल रहा आरोपी युवराज जयसिंह राठौड़ (50) महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के वालुज एमआईडीसी (MIDC) इलाके में नाम बदलकर छिपा हुआ है।
टपरी पर पुलिस संग 'चाय पे चर्चा'
क्राइम ब्रांच की टीम जब पुख्ता लोकेशन के आधार पर आरोपी युवराज को दबोचने पहुंची, तो वह वहां एक स्थानीय चाय की टपरी पर खड़ा होकर तसल्ली से चाय की चुस्कियां ले रहा था। पुलिस ने जैसे ही उसे घेरा और उसकी पहचान साफ की, आरोपी ने भागने या हंगामा करने की कोशिश नहीं की।
बेहद फिल्मी अंदाज में उसने पुलिसकर्मियों से आग्रह किया कि वह अपनी चाय बर्बाद नहीं करना चाहता। इसके बाद उसने हाथ में चाय का कप थामे रखा, आराम से खड़े होकर पुलिस टीम से बातचीत करता रहा, अपनी चाय पूरी खत्म की और फिर मुस्कुराते हुए गिरफ्तारी की औपचारिक कार्रवाई के लिए आगे बढ़ा।
मालिक के नहाने जाते ही साफ कर दी थी अलमारी
यह पूरा मामला 4 नवंबर 2005 का है। युवराज जयसिंह राठौड़ (जो मूल रूप से जळगांव का रहने वाला है) सूरत के कामरेज पुलिस स्टेशन इलाके में एक बिजनेसमैन की कंपनी में बतौर ड्राइवर काम करता था। एक दिन जब कंपनी का मालिक दफ्तर में ही नहाने के लिए गया, तो युवराज की नीयत डोल गई। उसने मौका पाकर कार्यालय की अलमारी का लॉक खोला और उसमें रखे 54,710 रुपये कैश लेकर रफूचक्कर हो गया।
उस वक्त कामरेज पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी काफी तलाश की, लेकिन वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। पुलिस के हाथ न आने पर अदालत ने उसके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 70 के तहत गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया था।
अब जहां सूरत क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी युवराज को महाराष्ट्र से ट्रांजिट रिमांड पर सूरत लेकर आई है। प्राथमिक पूछताछ और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे कामरेज पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जो अब कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन 22 सालों में उसने और कहां-कहां वारदातें की हैं।
