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21 साल की नंदिनी की संदिग्ध मौत पर महिला आयोग सख्त, गर्भाशय निकालने और टॉर्चर के आरोपों पर मची खलबली; DGP को दिए निर्देश

राजकोट में 21 वर्षीय नंदिनी की संदिग्ध मौत पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लिया है। जबरन गर्भाशय निकालने और प्रताड़ना के आरोपों पर गुजरात DGP से 7 दिन में रिपोर्ट की मांग भी की है।

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राजकोट मामले पर NCW ने लिया संज्ञान

गुजरात के राजकोट में 21 वर्षीय एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस बेहद हैरान करने वाली घटना पर 'राष्ट्रीय महिला आयोग' (NCW) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले की भयावहता को देखते हुए गुजरात पुलिस को दोषियों के खिलाफ तत्काल और प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। आधिकारिक बयान के मुताबिक, मृतका की पहचान 21 वर्षीय नंदिनी आनंदभाई बोअस्मिया के रूप में हुई है। आयोग ने नंदिनी की मौत को अत्यंत गंभीर, दुखद और परेशान करने वाला बताया है।

मरने से पहले छोड़ा आखिरी मैसेज; जबरन गर्भाशय निकालने का सनसनीखेज आरोप

राष्ट्रीय महिला आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स और शुरुआती इनपुट्स का हवाला देते हुए बताया कि नंदिनी की मौत के पीछे लंबे समय से चली आ रही शारीरिक, मानसिक और वित्तीय प्रताड़ना के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।

क्या है सबसे चौंकाने वाला मोड़?

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मृतका नंदिनी पर भारी दबाव बनाकर उसका जबरन गर्भाशय निकालने का ऑपरेशन कराया गया था। महिला आयोग ने कहा है कि मौत से पहले नंदिनी द्वारा साझा किया गया उसका आखिरी संदेश और इस घटना के आसपास की रहस्यमयी परिस्थितियां बेहद चिंताजनक हैं और कई तरह के गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

NCW ने गुजरात के DGP को लिखा पत्र

मामले की गंभीरता को भांपते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने गुजरात के पुलिस महानिदेशक (DGP) को तत्काल दखल देने के लिए पत्र लिखा है। आयोग ने मामले के निष्पक्ष खुलासे के लिए गुजरात पुलिस को 5 निर्देश जारी किए हैं। NCW ने कहा है कि मामले में संबंधित धाराओं के तहत तुरंत FIR दर्ज की जाए और सभी नामजद आरोपियों को बिना किसी देरी के गिरफ्तार किया जाए। जबरन गर्भाशय निकालने के आरोपों की गहराई से जांच हो। इसमें शामिल अस्पताल और संबंधित डॉक्टरों की भूमिका को भी तफ्तीश के दायरे में लाया जाए। युवती के शव का व्यापक फॉरेंसिक पोस्टमार्टम सामान्य डॉक्टरों के बजाय विशेषज्ञ डॉक्टरों के एक विशेष पैनल द्वारा कराया जाए। मृतका द्वारा पूर्व में जूनागढ़ में दर्ज कराई गई एक शिकायत की भी नए सिरे से समीक्षा की जाए, ताकि यह पता चल सके कि क्या व्यवस्था या प्रशासन के स्तर पर कोई चूक तो नहीं हुई थी। युवती के वित्तीय शोषण और पैसों की हेरफेर के आरोपों की भी जांच की जाए और लागू नियमों के तहत रिकवरी सुनिश्चित हो।

7 दिन के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

राष्ट्रीय महिला आयोग ने गुजरात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूरी संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने को कहा है। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि गुजरात पुलिस इस मामले में अब तक की गई पूरी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट अगले सात दिनों के भीतर आयोग के समक्ष प्रस्तुत करे।

बता दें कि राष्ट्रीय महिला आयोग एक वैधानिक निकाय है, जिसके पास महिलाओं की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण से जुड़े मुद्दों पर स्वतः संज्ञान लेने और कानूनी निर्देश जारी करने का विशेष अधिकार है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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