Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा की एक और सोसाइटी में भारी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, ग्रेनो की आस्था ग्रीन्स सोसाइटी में रहने वाले 200 से अधिक लोग दूषित पानी पीने से बीमार पड़े चुके हैं। बीमार पड़ने वाले लोगों की इतनी बड़ी संख्या देख ग्रेनो वेस्ट प्राधिकरण ने पानी की जांच करने के लिए सैंपल लिये। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी सोसाइटी का निरीक्षण करने पहुंची। बता दें कि ग्रेटर नोएडा की सोसाइटी में दूषित पानी की सप्लाई और उससे बीमार पड़ने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई सोसाइटी में दूषित पानी पीने से लोगों के बीमार पड़ने की खबर आई थी, लेकिन इस बार बीमार पड़े लोगों का आंकड़ा सैकड़ों में पहुंच गया है, जो गंभीर विषय है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची।
स्वास्थ्य विभाग ने की आस्था ग्रीन्स सोसाइटी की जांच
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम आस्था ग्रीन्स सोसाइटी जांच के लिए पहुंची। टीम ने कई स्थानों पर गंदगी मिलने पर सोसाइटी की मेन्टेनस डिपार्टमेंट (बिल्डर) के मैनेजर को नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा। जानकारी के अनुसार, जिला मलेरिया अधिकारी श्रुति वर्मा ने अपनी टीम के साथ सोसाइटी की जांच की और बताया कि यहां गंदा पानी बेसमेंट में भर गया था। उन्होंने बताया कि यहां बनी भूमिगत पानी की टंकी के ऊपर जो दीवार है उसमें कई खिड़कियां है, लेकिन जाल नहीं लगे हैं। उन्होंने कहा ऐसी स्थिति में इसमें कोई भी जानवर घुस सकता है, जिससे पानी दूषित होने की आशंका है। इतना ही नहीं सोसाइटी कई स्थानों पर कूड़े के ढेर भी मिले हैं। इन सभी स्थिति को देखते हुए मेनटेंनस टीम को नोटिस दिया गया है और इसे जल्द से जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले को लेकर श्रुति वर्मा ने यह भी कहा कि दिए गए निर्देशों के अनुसार, अगर कार्य नहीं हुआ तो महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एक सोसाइटी में सैकड़ों बीमार
जानकारी के लिए बता दें कि आस्था ग्रीन्स सोसाइटी में 4 टावर है। इन टावरों में करीब 200 परिवार रहते हैं। बीते कई दिनों से यह लोग गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। दूषित पानी पीने के कारण सोसाइटी में रहने वाले 230 लोग बीमार हो चुके हैं। इस बीच सोमवार को भी 30 लोगों के बीमार पड़ने की सूचना मिली थी।
आज मेडिकल कैंप लगाया स्वास्थ्य विभाग
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम सोसाइटी में मेडिकल कैंप लगाएगी। इसमें लोगों को डॉक्टर कंसल्टेशन के साथ दवाएं दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि कैंप में आने वाले लोगों की संख्या के आधार पर दूषित पानी पीने से बीमार पड़ने वाले लोगों की संख्या का पता लग पाएगा। नए मरीजों के साथ पुराने मरीजों की भी जानकारी ली जाएगी। टीम ने बताया कि स्थिति और मरीजों की संख्या को देखते हुए बुधवार यानी 7 मई को भी मेडिकल कैंप लगाया जा सकता है।
