ग्रेटर नोएडा

घर खरीददारों को धोखा दे रहे ये 32 बिल्डर, अब Greno प्राधिकरण ने दिया नोटिस; खुलेगा घरों की रजिस्ट्री का रास्ता!

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बकाया नहीं जमा करने वाले बिल्डरों को अल्टीमेटम दिया है। जिन बिल्डरों ने बकाया जमा नहीं कराया है और जिनकी वजह से फ्लैट खरीददारों की रजिस्ट्री में देरी हो रही है, अब प्राधिकरण उनके खिलाफ कोर्ट में अपील करेगी और इनकी व्यावसायिक संपत्ति को अटैच किया जाएगा-

Image

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (AI Image)

Photo : iStock

Greater Noida: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को ऑनलाइन बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों से बकाया नहीं देने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्ती बरतने और फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री में तेजी लाने को कहा था। जिसके बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बकाया नहीं देने वाले 32 बिल्डरों की व्यावसायिक संपत्ति डिटेल अपडेट की और इसके साथ ही प्रतिष्ठित लॉ फर्म से इसके लिए संपर्क करना भी शुरू कर दिया है। साथ ही प्राधिकरण ने इन बिल्डरों को दो अल्टीमेटम जारी किया है और लॉ फर्म से इनके खिलाफ अपील के लिए राय भी ली है।

32 बिल्डरों को को प्राधिकरण का नोटिस

इन बिल्डरों ने अमिताकांत समिति की सिफारिशों का लाभ नहीं लेकर करीब 20 हजार फ्लैट खरीददारों को बीच में लटका दिया है। इन 32 बिल्डरों को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने चेतावनी दी है। साथ ही इस हफ्ते होने वाले दो टूक वार्ता के लिए नोटिस भी भेजा है। इतना ही प्राधिकरण ने लॉ फर्म से राय भी ली है, जिससे कि विल्डरों के खिलाफ न्यायालय में अपील की जा सके। जिन बिल्डरों ने कार्रवाई पर स्थगत आदेश लिया था, अब उन बिल्डरों की व्यावसायिक संपत्ति को अटैच किया जाएगा।

20 हजार खरीदार की रजिस्ट्री फंसी

दरअसल, इन बिल्डरों ने न्यायालय से कार्रवाई पर स्थगत आदेश लिया था। लेकिन, प्राधिकरण की लचर व्यवस्था की वजह से यह मामला अटक कर रह गया। जिस कारण कुल बकाया का 25% जमा नहीं करा कर 20 हजार फ्लैट खरीददारों को बीच में लटका दिया है। अब इन बिल्डरों की रिपोर्ट कोर्ट में की जाएगी। बता दें कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के क्षेत्र में 96 बिल्डर परियोजनाएं हैं। इनमें 32 बिल्डरों ने अमिताभ कांत की योजनाओं का लाभ नहीं लिया और इनकी वजह से 20 हजार खरीददार बीच में फंस गए। दो टुक वार्ता में बिल्डरों का रुख जानने के बाद प्राधिकरण इन बिल्डरों से वसूली पर अपनी रणनीति तैयार करने की योजना बनाई है।

ग्रेटर नोएडा में 96 बिल्डर परियोजानाएं

बिल्डरों से बकाया की भरपाई जरूरी है, जिससे कि राजकोषीय नुकसान की भरपाई की जा सके। अभी तक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 17 हजार खरीदारों की रजिस्ट्री का रास्ता खोला है। और अभी 2300 से अधिक खरीददारों को हक दिलाया जा चुका है। ग्रेटर नोएडा में कुल 96 बिल्डर परियोजनाएं हैं। जिन बिल्डरों ने अभी पैसा जमा नहीं किया है, जिस वजह से फ्लैट खरीददारों की रजिस्ट्री में रुकावट आ रही है।

जुर्माने की वसूली पर भी 6 महीने की छूट

फ्लैट खरीददारों का ख्याल रखते हुए राज्य सरकार ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को ये आदेश जारी किया है। जिसके तहत बिल्डरों परियोजनाओं में देरी पर खरीददारों से वसूली नहीं की जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने रजिस्ट्री में देरी पर लगाने वाले जुर्माने की वसूली पर भी 6 महीने की छूट दी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बिल्डर परियोजनाओं में लगभग 40 हजार खरीददारों को 100 करोड़ की राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है।

Maahi Yashodhar
Maahi Yashodharauthor

माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

और पढ़ें
End of Article