ग्रेटर नोएडा वेस्ट से NH9 (
4 लेन की बनेगी सड़क!
शाहबेरी में बनने वाली एलिवेटेड रोड को 4 लेन का बनाए जाने की योजना है। यह सड़क 16 मीटर या 14 मीटर चौड़ी हो सकती है। दैनिक हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक शाहबेरी में ट्रैफिक के भारी दबाव को देखते हुए प्राधिकरण के अधिकारी इस परियोजना की फाइनल DPR (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) और फिजिब्लिटी रिपोर्ट इसी हफ्ते तैयार करने के पक्ष में हैं। शाहबेरी में लंबे जाम को देखते हुए ही प्राधिकरण ने यहां 3500 मीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाने का निर्णय लिया है।
बता दें की CRRI की टीम ने यहां पर स्थलीय निरीक्षण और परियोजना से संबंधित गहन अध्ययन के बाद प्राथमिक फिजिब्लिटी रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट में दो डिजाइन का प्रस्ताव दिया गया था। एक डिजाइन के अनुसार पूरा एलिवेटेड कॉरिडोर 16 मीटर का होगा, जबकि दूसरे डिजाइन के अनुसार एलिवेटेड कॉरिडोर को 14 मीटर का बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था।
प्राधिकरण की कोशिश किसी का घर न टूटे
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार 14 मीटर का 4 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर बनने पर शाहबेरी में किसी भी मकान को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। जबकि 16 मीटर की 4 लेन एलिवेटेड रोड बनाने पर कुछ मकानों के छज्जे बीच में आ सकते हैं, जिन्हें तोड़ना पड़ेगा। हालांकि, प्राधिकरण चाहता है कि एलिवेटेड रोड बनाने पर किसी को भी कोई नुकसान न हो। साथ ही वह एलिवेटेड रोड को 16 मीटर का रखने के पक्ष में है।
सीआरआरआई की टीम इसी सप्ताह एस एलिवेटेड रोड के लिए अपनी फाइनल डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) सौंप देगी। इस DPR में परियोजना की कुल लागत, निर्माण कार्य में लगने वाले समय सीमा सहित तमाम जानकारियां होंगी। फिर इस DPR को प्राधिकरण की बोर्ड मीटिंग में रखा जाएगा।
सरकारी की मंजूरी के बाद बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद इसे उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इस प्रोजेक्ट के लिए एक एजेंसी की नियुक्ति की जाएगी और निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
गाजियाबाद प्राधिकरण की कोशिश
उधर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) भी NH9 से क्रॉसिंग रिपब्लिक होते हुए शाहबेरी की ओर जाने वाली सड़क को चौड़ा करने की योजना पर काम कर रहा है। यहां सड़क की चौड़ाई 45 मीटर है, लेकिन पेट्रोल पंप के पास करीब 260 मीटर की लंबाई में सड़क की चौड़ाई बहुत कम है। बीच में जमीन विवाद के कारण सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है। जीडीए उपाध्यक्ष इस जमीन के मालिक और बिल्डर प्रतिनिधि के बीच सहमति बनाने में जुटे हैं।
