ग्रेटर नोएडा

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के अलावा अब ग्रेटर नोएडा-देहरादून एक्सप्रेसवे पर शुरू हो रहा काम!

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने का सभी को बड़ी ही बेसब्री से इंतजार है। इस बीच अब ग्रेटर नोएडा और देहरादून को एक अन्य एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी है। 8 लेन का यह एक्सप्रेसवे खास होगा, यह गाजियाबाद के साथ ही ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर को भी देहरादून से जोड़ेगा।

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देहरादून से जुड़ेगा ग्रेटर नोएडा

Photo : Twitter

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर तेजी से काम चल रहा है और अब तो लोगों को इसके जल्द से जल्द खुलने का इंतजार है। इस एक्सप्रेसवे पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाने पर दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी मात्र ढाई घंटे की रह जाएगी। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को देहरादून ही नहीं, मसूरी, चकराता, ऋषिकेश और हरिद्वार के साथ ही सहारनपुर जाने में भी सहूलियत होगी। आप इस बात से खुश हैं और इस बीच ग्रेटर नोएडा से देहरादून के बीच एक और एक्सप्रेसवे को लेकर हलचल तेज हो गई है। चलिए जानते हैं -

क्या है एक्सप्रेसवे का नाम

नोएडा, ग्रेटर नोएडा से देहरादून के बीच इस एक्सप्रेसवे की हम बात कर रहे हैं उसकी कल्पना आज से 11 साल पहले की गई थी। साल 2013 में इस प्रोजेक्ट को लॉन्च किया गया था। लेकिन फिर लंबे समय से यह प्रोजेक्ट रुका हुआ था। अब इस प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ने की तैयारी है। यह एक्सप्रेसवे नोएडा, ग्रेटर नोएडा को देहरादून से डारेक्ट लिंक करेगा। इस प्रोजेक्च का नाम अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेसवे (Upper Ganga Canal Expressway) है।

कितनी लेन का होगा एक्सप्रेसवे

ग्रेटर नोएडा को सनौता और गाजियाबाद के साथ ही देहरादून से जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे कुल 8 लेन का होगा। यह एक्सप्रेसवे मेरठ और मुजफ्फरनगर को भी जोड़ेगा और आगे यह पुरकाजी होते हुए देहरादून में मिलेगा। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से क्षेत्र में रोड कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

जैसा कि हमने ऊपर बात की इस महत्वकांभी 8 लेन के एक्सप्रेसवे की शुरुआत साल 2013 में की गई थी, लेकिन फिर अचानक इस पर काम रुक गया। अब इस पर फिर से काम होने जा रहा है। इसमें 23.5 किमी लंबा लिंक एक्सप्रेसवे साउथ-वेस्ट मेरठ को DFC टर्निमिल फैसिलिटी और मेरठ एयरपोर्ट से जोड़ेगा। इसके अलावा 3.5 किमी लंबी सड़क NH-24 के बगल में डासना फॉल्स के पास बनाई जाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार इस प्रोजेक्ट को नंबर 2025 तक पूरा करना चाहती है।

गंग नहर में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा

रूट पर 6 बड़ी ही महत्वपूर्ण जगहों पर जमीन का चुनाव कर लिया गया है, जहां से ट्रांस्पोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स की आवाजाही आसान होगी। इससे अपर गंगा कैनाल यानी ऊपरी गंग नहर के जरिए आवागमन आसान होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और वाटर स्पोर्ट्स (जल क्रीडा) की संभावना भी बढ़ेगी। इसके अलावा इस रूट पर सात हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर यूनिट के विस्तार के साथ ही उनका संवर्धन भी होगा।

Ganga-canal Expressway

ऊपरी गंग नहर के साथ बनेगा एक्सप्रेसवे

147.8 किमी लंबे एक्सप्रेसवे के लिए सराकर ने 8700 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसकी शुरुआत बुलंदशहर में सनौता ब्रिज से होगी और फिर गंग नहर के साथ-साथ मुजफ्फरनगर के पुरकाजी तक जाएगा। आगे यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बॉर्डर पर जाकर खत्म होगा।

एक्सप्रेसवे का पूरा रूट क्या होगा?

यह एक्सप्रेसवे NCR को देहरादून और पहाड़ों की रानी मसूरी से कनेक्टिविटी देगा। रास्ते में अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेसवे इन शहरों से होकर गुजरेगा।

  • ग्रेटर नोएडा (Greater Noida)
  • सनौता (Sanauta)
  • गाजियाबाद (Ghaziabad)
  • मेरठ (Meerut)
  • मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar)
  • देवबंद (Deoband)
  • पुरकाजी (Purkazi -Muzaffarnagar)
  • उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड बॉर्डर (Uttar Pradesh-Uttarakhand border)

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बाद अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेसवे उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की NCR से कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी को और बढ़ाएगा। इससे रेजिडेंशियल, कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्रोथ को भी बल मिलेगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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