उत्तराखंड में एक बार फिर आपदा ने दस्तक दी है। इस बार आपदा गढ़वाल मंडल के चमोली जिले में आई है। यहां बदरीनाथ धाम के पास ही मौजूद माणा गांव के करीब एक ग्लेशियर टूटने की खबर है। मिल रही सूचना के अनुसार ग्लेशियर टूटने की वजह से कई लोग इसकी चपेट में आ गए हैं और कई लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना है।
खबरों के मुताबिक ग्लेशियर टूटने से अचानक आए मलबे के नीचे 57 मजदूरों के दबे होने की सूचना है। जिसमें से अब तक 32 मजदूरों को बचा लिया गया है और 25 की खोजबीन के लिए राहत व बचाव कार्य जारी है। खराब मौसम के कारण यहां पर राहत-बचाव कार्य में दिक्कत हो रही है और वहां संपर्क करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हादसे पर नजर बनाए हुए हैं गृह मंत्री
उत्तराखंड के चमोली में माणा गांव के पास हुए हिमस्खलन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पैनी नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, डीजी आईटीबीपी और डीजी एनडीआरएफ से फोन पर बात की। इसके साथ ही अमित शाह ने बताया कि हादसे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना हमारी प्राथमिकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने के संदर्भ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, डीजी आईटीबीपी और डीजी एनडीआरएफ से बात की। हादसे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना हमारी प्राथमिकता है। स्थानीय प्रशासन बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से लगा हुआ है। एनडीआरएफ की दो टीमें भी जल्द ही घटना स्थल पर पहुंच रही हैं।''
रक्षा मंत्री ने की सीएम धामी से बात
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चमोली हादसे पर उत्तराखंड के सीएम धामी से फोन पर बात की। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ''आज जोशीमठ (उत्तराखंड) के माणा क्षेत्र में दुर्भाग्यपूर्ण हिमस्खलन हुआ है, जिससे बीआरओ का जीआरईएफ कैंप प्रभावित हुआ है। स्थिति के बारे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की। प्रशासन प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। स्थानीय सेना इकाइयों द्वारा बचाव कार्य भी जारी है। सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके फंसे हुए कर्मियों को बचाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं।''
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी सूचना
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे के संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी है और कहा कि मजदूरों के दबने का दुखद समाचार उन्हें प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि ITBP, BRO और अन्य बचाव दलों की तरफ से राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है। उन्होंने भगवान बदरी विशाल से श्रमिकों के सुरक्षित होने की कामना भी की।
उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जानकारी दी कि बदरीनाथ के पास माणा में ग्लेशियर टूटने से 57 मजदूर दब गए थे। उन्होंने बताया कि 16 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है और बचाव कार्य अब भी जारी है।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से हो रही बारिश और बर्फबारी
गौरतलब है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते कल यानी गुरुवार 27 फरवरी से ही उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। भारी बर्फबारी से एक तरफ जहां पर्यटक खुश हैं, वहीं स्थानीय लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई है। बारी मात्रा में बर्फबारी से रास्ते जहां-तहां बंद हैं और कड़ाके की ठंड से लोगों का बुरा हाल है।
भारी बर्फबारी और बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में आवाजाही पर भी असर पड़ा है। जिसके कारण राहत और बचाव कार्य पर भी असर पड़ रहा है। भारी और बारिश और बर्फबारी के कारण प्रभावित क्षेत्र से संपर्क करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। गौरतलब है कि माणा गांव बदरीनाथ धाम से उत्तर दिशा में है और यह उत्तर में तिब्बत की ओर से आने में देश का पहला गांव है। यहीं पर भगवान गणेश ने वेद व्यास से सुनकर महाभारत लिखी थी।
