गाजियाबाद

Ghaziabad News: गाजियाबाद के नाम को बदलने की तैयारी, इन दो नामों पर चल रही चर्चा

Ghaziabad News: पिछले कुछ वर्षों में गाजियाबाद का नाम बदलने की मांग बढ़ी है, जिसको ध्यान में रखते हुए अब गाजियाबाद नगर निगम नाम को बदलने की तैयारी कर रहा है। गाजियाबाद के लिए दो नए नाम गजनगर और हरनंदी नगर सुझाए गए हैं।

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गाजियाबाद के नाम को बदलने की तैयारी

Photo : Times Now Digital

Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश में एक और जिले का नाम बदलने की तैयारी तेज हो गई है। इलाहाबाद और फैजाबाद के बाद अब गाजियाबाद के नाम को बदलने पर चर्चा हो रही है। इसे लेकर गाजियाबाद नगर निगम की बैठक में एक प्रस्ताव पेश किया गया, जिसमें जिले का नाम बदलकर गजनगर या हरनंदी नगर रखने पर विचार चल रहा है। एनसीआर जिले का नाम बदलने का प्रस्ताव सोमवार को एक भाजपा पार्षद द्वारा पेश किया गया और इसे एजेंडे में शामिल किया गया, माना जा रहा है कि माहौल इसके पक्ष में जा रहा है।

गाजियाबाद का नाम बदलने की मांग

बता दें पिछले कुछ दिनों से हिंदू संगठनों की ओर से गाजियाबाद जिले के नाम को बदलने की मांग की जा रही है। गाजियाबाद नगर निगम की बैठक में पहली बार इस मुद्दे पर अब चर्चा भी हो गई है। गाजियाबाद के लिए दो नए नाम गजनगर और हरनंदी नगर सुझाए गए हैं। इसे लेकर गाजियाबाद की मेयर सुनीता दयाल का कहना है कि कई लोगों ने जिले के नाम बदलने की अपील की है। पहली बार इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई।

पिछले कुछ वर्षों में गाजियाबाद का नाम बदलने की मांग बढ़ी है, खासकर इलाहाबाद को हटाकर 2018 में प्रयागराज के अस्तित्व में आने के बाद। वार्ड नंबर 100 के पार्षद संजय सिंह ने आधिकारिक तौर पर प्रस्ताव पेश किया। गाजियाबाद नगर निगम में भाजपा के पास बहुमत है। पार्षद संजय सिंह ने कहा कि बोर्ड ने मेरे प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और मंगलवार को इस पर चर्चा होगी। मुख्य रूप से, मैंने दो नाम प्रस्तावित किए हैं - गजनगर और हरनंदी नगर। गाजियाबाद इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। अब समय आ गया है कि शहर को उसका सही स्थान दिया जाए।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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