गाजियाबाद

Ghaziabad News: सोसायटी की लिफ्ट में फंसे मां-बेटे, मची अफरा-तफरी

गाज़ियाबाद के पायोनिया के टावर संख्या पी 6 के निवासी गुरप्रीत कौर और बेटा निमित्त शर्मा लिफ्ट में फंस गए। आरोप है कि लिफ्ट फ्री फाल होकर लेवल 2 पर पहुंच गई और उसके बाद अचानक दोबारा स्टीलट फ्लोर पर आ गई। लोगों का कहना है की खानापूर्ति के लिए सर्टिफिकेट लगाए गए हैं.

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प्रतीक ग्रैंड सोसायटी

Photo : Twitter

गाजियाबाद: सिद्धार्थ विहार की प्रतीक ग्रैंड सोसायटी के पायोनिया टावर पर गुरप्रीत कौर उनका उनका बेटा निमित्त शर्मा शुक्रवार रात लिफ्ट में फंस गए। बताया जा रहा है कि लिफ्ट फ्री होकर 8वें तल से बेसमेंट में चली गई। गुरप्रीत के पति आकाश शर्मा ने बताया कि लिफ्ट का इंटरकॉम और अलार्म काम नहीं कर रहे। जैसे-तैसे सभी वहां से निकले पाए। घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। महिला के पति ने सोसायटी के प्रशासनिक उपाध्यक्ष के खिलाफ विजयनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

8वें तल से बेसमेंट में चली गई लिफ्ट

प्रतीक ग्रैंड सोसायटी पायोनिया के टावर पी-6 के फ्लैट नंबर 1601 निवासी आकाश शर्मा ने मुताबिक, वह 16वें फ्लोर पर रहते हैं। उनकी पत्नी गुरप्रीत और बड़ा बेटा निमित्त नीचे गए हुए थे। रात 10:12 बजे लिफ्ट से वह घर आ वापस आ रहे थे। तभी लिफ्ट 8वें तल से बेसमेंट में चली गई। आकाश का आरोप है कि रात में ही उन्होंने एस्टेट मैनेजर, वीपी एडमिन और लिफ्ट देख रही टीम को भी मामले से अवगत कराया। सोसायटी के लोगों का कहना है कि खानापूर्ति के लिए सर्टिफिकेट लगाए गए हैं। आरोप है कि लिफ्ट की मरम्मत नहीं कराई जाती है। साथ ही 3.25 स्क्वायर फीट के हिसाब से महंगा मेंटेनेंस चार्ज लेकर भी मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता है।

सोसायटी निवासी सुधाकर यादव का भी कहना है कि आए दिन लिफ्ट खराब होती रहती है। शनिवार को भी टावर सी-2 में भी लिफ्ट दूसरे तल पर फ्री फाल होकर नीचे चली गई। इसमें आशीष सक्सेना फंस गए थे। गनीमत रही कि उन्हें भी कोई चोट नहीं लगी। सोसायटी के उपाध्यक्ष प्रशासन कर्नल (रिटायर्ड) राजशेखर शर्मा ने एक ई-मेल से शिकायत के जवाब में कहा है कि लिफ्ट लगाने वाली कंपनी ओटीएस से शिकायत की गई है। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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