गाजियाबाद

Ghaziabad Weather Update: बारिश के बाद लुढ़का पारा, गलन ने बढ़ाई सिरदर्दी, जानिए आज दिन भर कैसा रहेगा गाजियाबाद का मौसम

Ghaziabad weather Update: गाजियाबाद में बारिश के बाद गलन का एहसास हो रहा है। हालांकि, धूप खिली हुई है, लेकिन सर्दी से अभी निजात मिलने के आसार नहीं हैं।

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बारिश के बाद बढ़ी गलन

Photo : BCCL

Ghaziabad weather Update: दिल्ली-एनसीआर के जिलों में बारिश के बाद कड़ाके की सर्दी का एहसास हो रहा है। मंगलवार की सुबह धूप खिलने के साथ सर्दी का सितम देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश के बाद बादल छटने से तापमान में कमी आएगी, जिससे एक बार फिर ठंड बढ़ेगी। पिछले सप्ताह पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से मौसम में तेजी के साथ तब्दीली देखने को मिली थी, जिससे तापमान में वृद्धि दर्ज की गई थी। इस बीच 1 फरवरी से पांच फरवरी के बीच रुक-रुककर हो रही बारिश ठंड तो कम हुई, लेकिन अब एक बार फिर सुबह से कोहरे के साछ ठंड का एहसास हो रहा है। वहीं, सुबह के वक्त कोहरे की चादर छाई रही, जिससे वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया।

न्यूनतम तापमान में कमी

मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा और अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है। हालांकि, 6 फरवरी की सुबह 7 बजे से ही सूरज आसमान में नजर आने लगा था, जिससे लोग धूप का आनंद ले रहे हैं। हालांकि, हल्की हवाएं बहने से न्यूनतम तापमान में भी इजाफा होगा, जिससे ठिठुरन बढ़ सकती है। कुल मिलाकर अभी सर्दी से राहत की बड़ी उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

ट्रेनें लेट

सोमवार और मंगलवार से कुछ हिस्सों में कोहरे की घनी परत छाई है। इससे विजिबिलिटी बेहद कम नजर आ रही है। वहीं, घने कोहरे के कारण रेलवे स्टेशन पर कई ट्रेनें विलंबित और रद्द होने से यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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