गाजियाबाद

गाजियाबाद वेव सिटी के करीब तीन हजार खरीदारों के लिए अच्छी खबर, जल्द ही मिलेगा प्लॉट पर कब्जा

गाजियाबाद वेव सिटी में 12 साल बाद आवंटियों को प्लॉट मिलने की उम्मीद जगी है। जल्द ही बोर्ड की बैठक होने वाली है, जिसमें संशोधित डीपीआर को मंजूरी दी जा सकती है।

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सांकेतिक फोटो।

Photo : PTI

Ghaziabad Wave City: गाजियाबाद की वेव सिटी के आवंटियों के लिए 12 साल बाद अच्छी खबर आई है। अब करीब तीन हजार आवंटियों को भूखंड पर कब्जा मिल सकेगा। बोर्ड की बैठक में संशोधित डीपीआर लेआउट को मंजूरी मिल सकती है। वेव सिटी डेवलपर्स का कहना है कि लेआउट प्लन स्वीकार होने के बाद अब छह महीने के अंदर ही आवंटियों को भूखंड का कब्जा मिल जाएगा।

पांच अगस्त को होगी बैठक

बता दें कि उत्पल चड्ढा हाईटेक डेवलपर्स प्रा. लि. गाजियाबाद (वेव सिटी) परियोजना में प्लॉट लेने के लिए लोगों को पिछले 12 साल से इंतजार करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, अब पांच अगस्त को बोर्ड की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें संशोधित डीपीआर को प्रस्तुत किया जाएगा और उसे मंजूरी मिल सकती है।

12 साल से इंतजार में बैठे हैं लोग

जानकारी के अनुसार, संशोधित डीपीआर लेआउट में 3786.79 एकड़ जमीन को पास करवाया जा रहा है। इससे करीब तीन हजार लोगों को फायदा मिलेगा, जो पिछले 12 साल से प्लॉट के इंतजार में बैठे हैं। अगर इसे मंजूरी मिल जाती है, तो आवंटियों को भूखंड पर कब्जा मिल जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि डीपीआर पर मंजूरी मिलने के बाद फेस टू योजना पर काम किया जाएगा।

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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