गाजियाबाद

एयरपोर्ट की तर्ज पर बनेगा गाजियाबाद रेलवे स्टेशन, बदले शक्ल-ओ-सूरत

Ghaziabad News: गाजियाबाद में यात्रियों के सफर को पहले से और आसान बनाने और उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के लिए गाजियाबाद स्टेशनों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। परिसर के बाहर पहले से बनी बिल्डिंग को तोड़कर नया रूप दिया जा रहा है। इन स्टेशनों फिर से बनाने में लगभग 363 करोड़ रुपये की लागत लगेगी, जिसमें यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी-

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एयरपोर्ट की तरह दिखेगा गाजियाबाद रेलवे स्टेशन

Photo : PTI

Ghaziabad News: दिल्ली में शताब्दी और तेजस जैसी ट्रेनों के ठहराव से यात्रियों का सफर काफी आसान हो रहा है। ऐसे में दिल्ली मंडल में शामिल गाजियाबाद के स्टेशनों को तोड़कर उनका नया रूप दिया जा रहा है। इसके लिए परिसर के बाहर पहले से बनी बिल्डिंग को तोड़कर फिर से बनाया जा रहा है। जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सके। इन स्टेशनों के जीर्णोद्धार का काम सिंधुजा जोइंट वेंचर्स प्रा. लि. को सौंपा गया है।

रोजाना गुजरती हैं 400 ट्रेनें

बता दें कि गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से करीब 400 ट्रेन गुजरती हैं। इन ट्रेनों में से 200 ट्रेनें यहां रुक कर अपना आगे का सफर तय करती हैं। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम, उत्तराखंड के लोगों एक बड़ी आबादी है। इन लोगों को गाजियाबाद स्टेशन से सफर करना ज्यादा सुविधाजनक है।

रोजाना डेढ़ लाख से अधिक यात्री करते हैं सफर

इस स्टेशन से रोजाना लगभग डेढ़ लाख से अधिक यात्रियों का आना जाना होता है। इसलिए स्टेशन का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, ताकि इन यात्रियों के सफर को आसान और सुविधाजनक बनाया जा सके। इन स्टेशनों के नया रूप देन में लगभग 363 करोड़ रुपये की लागत है। आने वाले दिनों में स्टेशन की इमारत में नीचे से ट्रेनें दौड़ेंगी और ऊपरी मंजिल पर यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

यात्रियों को मिल रही बेहतर सुविधाएं

भविष्य में रेलवे मेट्रो स्टेशन हाईस्पीड ट्रेन को रेलवे स्टेशन को जोड़ने के लिए योजना तैयार कर रहा है। इससे यात्रियों का सफर आसान होगा। साथ ही लिफ्ट और स्वचालित सीढ़ियों से राहत मिलेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए लंबे प्लेटफार्म, टीन शेड शेड, पानी की सुविधा, स्टील की कुर्सियों आदि की व्यवस्था की गई है।

25 हजार से ज्यादा यात्री रोजाना ईएमयू से करते हैं यात्रा

इन स्टेशन पर लिफ्ट और स्वचालित सीढ़ियों से यात्रियों को राहत मिली। यहां चार बैंकों के एटीएम लगाए गए हैं। वहीं, स्टेशन से दिल्ली के लिए भारी संख्या में यात्री सफर करते हैं। मेट्रो शुरू होने के बावजूद ईएमयू ट्रेन आज भी दैनिक यात्रियों की लाइफ लाइन है। सस्ता किराया होने के कारण आज भी 25 हजार से ज्यादा यात्री रोजाना आज भी ईएमयू से अपना सफर तय करते हैं।

नमो भारत ट्रेन चलने से विकास को मिली रफ्तार

गाजियाबाद में देश की पहली नमो भारत ट्रेन चलने से विकास को रफ्तार मिली है। साथ ही अब यहां यातायात के साधनों में सुधार हो रहा है। जिससे लोगों को लाभ मिल रहा है। करीब 82km लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर का निर्माण भी किया जा है। इस खंड पर सबसे पहले नमो भारत ट्रेन का परिचालन साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलघर, दुहाई और दुहाई डिपो स्टेशन तक किया गया।

यात्रियों को जाम से मिली है राहत

जिसके लिए पहले खंड का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। बाद में मुरादनगर से मेरठ दक्षिण तक नमो भारत ट्रेन को चलाया गाया। जनवरी से ट्रेन का परिचालन साहिबाबाद से दिल्ली के न्यू अशोक नगर स्टेशन तक होगा। फिलहाल ट्रेन चलने से रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों सफर कर रहे हैं। साथ ही लोगों को जाम से भी राहत मिली है, जिससे वह बिना जाम में फंसे हुआ है अपना सफर पूरा कर पा रहे हैं।

पहले से यात्रियों का सफर हुआ सासान

गाजियाबाद से दिल्ली-मेरठ और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के 14 लेन वाले एक्सप्रेसवे से लोगों का सफर पहले से काफी आसान हो गया है। इसके चलने से मेरठ एक्सप्रेसवे के जरिये देहरादून तक लोग आसानी से पहुंच रहे। इससे पहले लोगों को मेरठ रोड पर जाम से जूझना पड़ता था। इस एक्सप्रेसवे का एक खंड 14 लेन का है। इसके अलावा दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के भी दो खंड तैयार हैं।

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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