Ghaziabad: गाजियाबाद को पुलिस कमिश्नरेट बनाए जाने के साथ ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने का काम भी शुरू हो गया है। प्रशासन द्वारा शहर के यूपी गेट और भोजपुर के बीच ऐसे 42 पॉइंट चिन्हित किए गए हैं, जहां पर करीब 350 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ये सभी कैमरे तीन तरह के होंगे। एक कैमरा होगा जो सिर्फ हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेगा। दूसरा कैमरा यहां से गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट रीड करने का काम करेगा। वहीं, तीसरे तरह का कैमरा बेहद हाईटेक होगा। यह जूम और रोटेशन वाला होगा, जिसे किसी भी दिशा में घुमाया जा सकेगा। इन सभी कैमरों के लगते ही ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों के चालान ऑटोमेटिक कटने शुरू हो जाएंगे।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्र और एनएचएआई के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसके बाद दोनों विभाग की टीमों ने यूपी गेट से लेकर मेरठ बॉर्डर तक एक्सप्रेस-वे का सर्वेक्षण किया। इस सर्वेक्षण के बाद 42 पॉइंट पर 350 सीसीटीवी कैमरे लगाने पर सहमति बनी। पुलिस कमिश्नर अजय मिश्र ने बताया कि, इस योजना पर एक हफ्ते के अंदर ही कार्य शुरू हो जाएगा। उम्मीद है कि, आने वाले साल में इस एक्सप्रेस-वे पर यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और अपराधियों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा।
ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त होने के साथ अपराध पर भी लगेगी लगाम
इन कैमरों को भोजपुर से डासना के बीच, रसूलपुर टोल प्लाजा पर, डासना से यूपी गेट के बीच, डासना टोल प्लाजा पर, नेशनल हाईवे 9 के सभी एंट्री-एग्जिट द्वार और अंडरपासों पर लगाया जाएगा। इन कैमरों के लगने से प्रशासन को कई फायदे मिलेंगे। वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम (वीआईडीएस) कैमरों की मदद से चोरी किए गए वाहनों, चेन स्नेचरों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। वहीं, एक्सप्रेस-वे पर चलते समय ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर चालान की कार्रवाई हो सकेगी। एक्सप्रेस-वे पर बिना हेलमेट, तीन सवारी और तेज स्पीड चलने वाले वाहनों पर अंकुश लगेगा। बता दें कि, एक्सप्रेस-वे पर दुपहिया और तिपहिया वाहन पहले से प्रतिबंधित है, लेकिन इसके बाद भी यहां पर ऐसे वाहन खूब दौड़ रहे हैं। अभी तक इनका चालान नहीं कटता था, लेकिन इन कैमरों के लग जाने से इन पर भी लगमा लगेगा।
