गाजियाबाद

Ghaziabad: शराब तस्करी के लिए चुराई एंबुलेंस, बिहार की नंबर प्लेट लगा रहे थे आरोपी; पुलिस ने ऐसे धर दबोचा

गाजियाबाद से एंबुलेंस चोरी कर बाप-बेटे ने बिहार में शराब तस्करी की योजना बनाई। लेकिन पुलिस ने गाड़ी का नंबर प्लेट बदलते समय उन्हें धर दबोचा। एंबुलेंस में लगे जीपीएस ट्रैकिंग की मदद से पुलिस को उसकी लोकेशन का पता चला। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

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फाइल फोटो

Ghaziabad Ambulance Theft: बिहार में शराब ले जाने के लिए तस्करों ने एक नया पैंतरा अपना लिया। आरोपियों ने शराब तस्करी के लिए एंबुलेंस ही चुरा ली। ये हैरान करने वाला मामला यूपी के गाजियाबाद से सामने आया है। जहां बाप-बेटे ने मिलकर एक एंबुलेंस चोरी की। आरोपी इसे मेरठ ले गए और गाड़ी की नंबर प्लेट बदलने की कोशिश की। लेकिन पुलिस को इसकी खबर लग गई और छापा मारकर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

कब चोरी हुई एंबुलेंस?

एसीपी नंदग्राम पूनम मिश्रा ने बताया कि गाजियाबाद के पटेल नगर थर्ड के उदलनगर के निवासी राजीव चौहान ने 15 जून को पुलिस के पास चोरी की एक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी एंबुलेंस पंकज टेलर की दुकान के सामने खड़ी थी। जिसे सुबह करीब 4 बजे कुछ लोग चुरा ले गए। इस एंबुलेंस में जीपीएस लगे होने की वजह से पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रैक की। जिसके बाद कंट्रोल रूम ने आसपास के जिलों को भी अलर्ट भेजा। जिसके आधार पर मेरठ पुलिस को लीड मिली और एंबुलेंस की तलाश शुरू हुई।

चोर कहां लेकर गए एंबुलेंस?

पुलिस ने बताया कि चोरी की गई गाड़ी को मोदीनगर होते हुए मेरठ के लोहियानगर लाया गया। आरोपी हापुड़ रोड पर एक गैराज में गाड़ी की नंबर प्लेट बदल रहे थे और बिहार की नंबर प्लेट लगा रहे थे। तभी पुलिस ने छापेमारी कर उन्हें पकड़ लिया। मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि तीनों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं और मामले की जांच की जा रही है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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