मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादत गांव में अमित नामक युवक की मौत सांप काटने से हुई थी। लेकिन पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार अमित की मौत सांप के डसने से नहीं, बल्कि गला घोंटने से हुई थी। पुलिस ने जब मामले की परतें खोलनी शुरू कीं, तो सामने आया एक दिल दहला देने वाला सच अमित की पत्नी रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति की हत्या की थी। कत्ल को प्राकृतिक मौत का रूप देने के लिए रची गई थी सांप से मौत की साजिश। इस साजिश में शामिल था एक सपेरा कृष्णन, जिसने महज 1000 रुपए में एक सांप रविता और अमरदीप को दिया। दावा है कि ये सांप उसने बस्ती के ही एक और सपेरे प्रीतम नाथ के घर से चुपचाप चुराया था।
सांप बना कत्ल का गवाह
टाइम्स नाउ नवभारत की टीम जब प्रीतम नाथ के घर पहुंची, तो परिजनों ने बताया कि ये सांप एक रेड स्नेक यानी घोड़ापछाड़ था जो न तो जहरीला होता है और न ही इंसानों को नुकसान पहुंचाता है। उनका दावा था कि ये सांप इतना शांत होता है कि घंटों एक ही जगह बैठा रह सकता है और हमला करना तो दूर, इंसानों से डरता है। उन्होंने यहां तक कहा कि वे खुद उसे कटवाने को तैयार हैं ताकि साबित हो सके कि इस सांप से किसी की मौत मुमकिन ही नहीं है।
हत्या का खुलासा
कत्ल के बाद सुबह, अमित का मासूम बेटा रोज की तरह नाश्ता लेकर अपने पिता को जगाने पहुंचा। कंबल हटाते ही सामने थी अपने पिता की लाश और ठीक बगल में बैठा था वही रहस्यमयी सांप। बच्चे की चीख सुनते ही मोहल्ले में हड़कंप मच गया। तुरंत ही पास की बस्ती से सपेरे निर्मल को बुलाया गया, जिसने बिना किसी खास प्रयास के सांप को पकड़ लिया। यहीं से पुलिस को पहली बार संदेह हुआ कि ये कोई जहरीला सांप नहीं हो सकता। जैसे ही सपेरा कृष्णन को पुलिस ने हिरासत में लिया, उसने सांप की पूरी कहानी उगल दी। रविता और अमरदीप अब सलाखों के पीछे हैं, जबकि पुलिस कृष्णन से और भी जानकारियां जुटा रही है। इस पूरे हत्याकांड में सबसे अहम किरदार बना वो बेजहर सांप जिसे पहले कातिल समझा गया, लेकिन आज वही कत्ल का सबसे बड़ा गवाह बन चुका है। जिस मुआवजा योजना को महज सरकारी औपचारिकता माना जाता था, उसी ने इस साजिश से पर्दा उठाने में सबसे अहम भूमिका निभाई है।
