गाजियाबाद

Best Places to Visit Ghaziabad: लाखों लोगों की आस्था का प्रतीक है लक्खा बंजारे का कुत्ता, मंदिर परिसर में बनी कुत्ते की समाधि

Best Places to Visit in Ghaziabad: गाजियाबाद के चिपियाना गांव में मौजूद भैरव नाथ मंदिर की ख्याति दूर दूर तक फैली हुई है। इस मंदिर में एक कुत्ते की समाधि मौजूद है। इसे भी लोग अपनी आस्था के साथ जोड़कर देखते हैं और यहां पहुंचकर कुत्‍ते की समाधि के सामने शीश नवाते हैं। मान्‍यता है कि यहां आने से रेबीज की बीमारी, फोड़े और फुंसी जैसे रोग खत्म हो जाते हैं।

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बाबा भैरव नाथ मंदिर में बनी कुत्‍ते की समाधि

KEY HIGHLIGHTS
  • चिपियाना गांव में मौजूद है भैरव बाबा का यह मंदिर
  • मंदिर के बगल में ही बना है कुत्‍ते की समाधि
  • यहां पर शीश नवाने से खत्‍म होता है रेबीज और चर्म रोग

Best Places to Visit Ghaziabad: नए साल पर लोग आस्था से जुड़े केंद्रों पर अपने शीश नवाते हैं। लोगों की धारणा होती है कि नए साल पर धार्मिक स्‍थलों पर पहुंचकर मन्‍नत मांगने पर वह पूरी होती है। गाजियाबाद के चिपियाना गांव में भी एक ऐसा मंदिर मौजूद है, जिसकी ख्याति दूर दूर तक फैली हुई है। यह मंदिर बाबा भैरव नाथ का है। इस मंदिर में मौजूद एक कुत्ते की समाधि की रोचक कहानी बहुत प्रसिद्ध है। इसे भी लोग अपनी आस्था के साथ जोड़कर देखते हैं और यहां पहुंचकर कुत्‍ते की समाधि के सामने शीश नवाते हैं। मान्‍यता है कि मंदिर के बाहर बने तालाब में नहाकर कुत्‍ते की समाधि पर शीश नवाने से रेबीज की बीमारी, फोड़े और फुंसी जैसे रोग खत्म हो जाते हैं।

इस अनोखे मंदिर का इतिहास करीब 70 साल पुराना है और आज भी यहां पर बड़ी संख्या में लोग विभिन्‍न रोगों से निजात पाने आते हैं। मंदिर की लोककथा के अनुसार, चिपियाना गांव के रहने वाले लक्खा बंजारे ने भैरव मंदिर के अंदर करीब 70 साल पहले कुत्ते की यह समाधि बनवाई थी। इस समाधि को लेकर एक पौराणिक कथा भी प्रचलित है। कहा जाता है कि लक्‍खा बंजारे ने एक सेठ से कुछ कर्ज उधार लिया था। समय पर कर्ज नहीं चुका पाने पर उसने अपना कुत्ता सेठ के पास गिरवी रख दिया। एक दिन सेठ के घर डकैती हुई, लेकिन इस दौरान कुत्ता शांत बैठा रहा। सुबह वह सेठ की धोती पकड़कर उस जगह पर ले गया, जहां लुटेरों ने लूट का सामान दबाया हुआ था। अपना सामान वापस पाकर सेठ बहुत खुश हुआ और उसने कुत्ते को कर्ज मुक्त कर लक्खा को सौंप दिया।

अपने कुत्‍ते को देखते ही लक्खा ने मार दी गोली

कहा जाता है कि जब कुत्ता दौड़ता हुए लक्खा बंजारे के पास पहुंचा तो उसने बिना विचार किए उसे गोली मार दी थी, लेकिन उसे जब हकीकत का पता चल तो बहुत पछतावा हुआ। हत्‍या के इस पाप से मुक्त होने के लिए लक्खा ने भैरव बाबा के मंदिर में कुत्ते की समाधि बनवाई। ऐसी मान्यता है कि यहां पर प्रसाद चढ़ाते ही रेबीज के मरीज ठीक हो जाते हैं। वहीं, यहां के तालाब में नहाने से कई चर्म रोग दूर हो जाते हैं। इस तालाब में नहाने के बाद रोगियों को अपने कपड़े वहीं छोड़ने पड़ते हैं। मंदिर के महंत पंडित मोहन भारद्वाज ने बताया कि इस मंदिर में रेबीज के मरीजों की रविवार और शनिवार को बहुत भीड़ उमड़ती है। यहां पर गाजियाबाद के अलावा दिल्‍ली, मेरठ, बुलंदशहर, सिकंदराबाद, दादरी, नोएडा जैसी जगहों से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए आते हैं।

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