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मुजफ्फरनगर : मॉर्डन होगी गंगा किसान चीनी मिल, बढ़ेगी पेराई क्षमता; अन्नदाताओं को मिलेगा बड़ा फायदा

यूपी के मुजफ्फरनगर के मोरना स्थित गंगा किसान सहकारी चीनी मिल का आधुनिकीकरण किया जाएगा, जिसके बाद पेराई क्षमता बढ़ेगी और आसपास के किसानों को बड़ा लाभ होगा।

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यूपी कैबिनेट की बैठक (फोटो-@brajeshpathakup)

लखनऊ : प्रदेश सरकार ने मुजफ्फरनगर के मोरना में गंगा किसान सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने और नई तकनीक से मिल का आधुनिकीकरण करने का बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने मंजूरी दी है कि मिल की वर्तमान क्षमता 2500 टी.सी.डी. से बढ़ाकर पहले 3500 टी.सी.डी. और बाद में 5000 टी.सी.डी. तक की जाएगी।

उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर

जर्जर प्लांट व पुरानी तकनीक की वजह से किसानों को बहुत लाभ नहीं हो रहा था, लेकिन नई आधुनिक मशीनरी वाली मिल में न सिर्फ उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि इसके संचालन में दक्षता भी आएगी। सबसे बड़ा लाभ सीधे गन्ना उगाने वाले किसानों को मिलेगा। नई तकनीक के कारण पेराई क्षमता बढ़ने से गन्ना किसानों की आय भी दोगुनी किए जाने और समय से गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित किए जाने में सहायता मिलेगी।

रोजगार की बढ़ेंगी संभावनाएं

इस पहल से किसानों की आय बढ़ेगी और वे आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। यह कदम गन्ना किसानों को उनका हक दिलाने और सहकारी मिल के जरिए कृषि को मजबूत करने की दिशा में अहम है। नई आधुनिक मिल की स्थापना से क्षेत्र के किसानों का भरोसा बढ़ेगा और उत्पादन के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

शिक्षकों को मिलेंगी ये सुविधाएं

वहीं, राज्य सरकार ने शिक्षा जगत से जुड़े लाखों कर्मियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यह तय किया गया कि अब प्रदेश के माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मी और उनके आश्रित परिवार सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बीते वर्ष शिक्षक दिवस पर इसकी घोषणा की थी, जिस पर अब कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। इससे बेसिक व माध्यमिक शिक्षा से जुड़े लगभग 15 लाख शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मी लाभान्वित होंगे। इस पर समग्र रूप से लगभग 448 करोड़ रुपए का व्यय होगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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