MLA-LAD फंड घोटाले में पूर्व विधायक बलजीत यादव गिरफ्तार, 3 दिन की रिमांड पर रखेगी ED
- Reported by: अनुज मिश्रा
- Updated Feb 5, 2026, 06:09 PM IST
ED की जांच में सामने आया कि 2018 से 2023 के बीच विधायक रहते हुए बलजीत यादव ने करीब 2.87 करोड़ रुपये के MLA-LAD फंड का गलत इस्तेमाल किया।
पूर्व विधायक बलजीत यादव गिरफ्तार (फोटो-ट्विटर)
प्रवर्तन निदेशालय यानी ED के जयपुर जोनल ऑफिस ने राजस्थान के बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक बलजीत यादव को 3 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उनके कार्यकाल के दौरान MLA-LAD फंड में हुए घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। गिरफ्तारी के बाद बलजीत यादव को PMLA की विशेष अदालत, जयपुर में पेश किया गया, जहां अदालत ने ED को आगे की जांच के लिए 3 दिन की रिमांड दी है।
मामला कैसे सामने आया?
इस केस की जांच ACB जयपुर द्वारा दर्ज FIR नंबर 287/2024 (दिनांक 12 दिसंबर 2024) के आधार पर शुरू हुई थी। यह FIR भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, IPC और राजस्थान ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक प्रोक्योरमेंट एक्ट के तहत दर्ज की गई थी, जो PMLA के तहत अपराध माने जाते हैं।
जांच में क्या खुलासा हुआ?
ED की जांच में सामने आया कि 2018 से 2023 के बीच विधायक रहते हुए बलजीत यादव ने करीब 2.87 करोड़ रुपये के MLA-LAD फंड का गलत इस्तेमाल किया।
आरोप है कि उन्होंने अपने क्षेत्र के 32 स्कूलों के लिए खेल सामग्री खरीदने की सिफारिश की और फिर अपने करीबी लोगों के साथ मिलकर चार कंपनियां बनाईं।
• बालाजी कंप्लीट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड
• सूर्य एंटरप्राइजेज
• राजपूत स्पोर्ट्स एंटरप्राइजेज
• शर्मा स्पोर्ट्स एंटरप्राइजेज
इन कंपनियों को कर्मचारियों और परिचितों के नाम पर बनाया गया था और इनका खेल सामग्री के व्यापार में पहले कोई अनुभव नहीं था।
टेंडर में धांधली का आरोप
जांच में पता चला कि जिला परिषद, अलवर से प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद नियमों को तोड़कर टेंडर जारी किए गए, ताकि दूसरी कंपनियां हिस्सा न ले सकें और काम इन्हीं कंपनियों को मिले।
क्या है आरोप
• घटिया क्वालिटी का खेल सामान नकद में खरीदा गया
• बढ़ा-चढ़ाकर बिल बनाए गए
• ये बिल पंचायत समिति नीमराना से पास कराए गए
पैसा कहां ट्रांसफर किया गया?
बैंक खातों की जांच में सामने आया कि सरकारी फंड का पैसा बलजीत यादव के रिश्तेदारों और करीबियों के खातों में भेजा गया। इस पैसे से कुछ जमीन और मकान खरीदे गए, जिन्हें बाद में बेचकर रकम फिर से इन्हीं कंपनियों में घुमा दी गई और बड़ी मात्रा में नकद निकाल ली गई। इस मामले में ED ने 24 जनवरी 2025 को जयपुर, दौसा (राजस्थान) और रेवाड़ी (हरियाणा) में 9 ठिकानों पर छापेमारी की थी।
छापों के दौरान क्या मिला
• 31 लाख रुपये नकद
• कई अहम दस्तावेज
• रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस
जब्त किए गए थे, जिनसे फंड की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अहम सबूत मिले। ED का कहना है कि वह इस मामले में आगे भी जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच अभी जारी है।
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