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Largest Green Wall in Aravalli: अरावली में बनेगी दुनिया की सबसे बड़ी ग्रीन वॉल, दिल्ली समेत इन राज्यों को करेगी कवर

Largest Green Wall in Aravalli: वन विभाग अरावली क्षेत्र में दुनिया की सबसे ग्रीन वॉल बनाने की तैयारी कर रहा है। प्रपोजल के अनुसार दिल्ली समेत कई राज्यों को ये ग्रीन वॉल कवर करेगी। ग्रीन वॉल के साथ 75 के करीब जलाशयों को भी विकसित किया जाएगा।

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अरावली में बनेगी दुनिया की सबसे बड़ी ग्रीन वॉल

Largest Green Wall in Aravalli: अरावली में वन विभाग ने ग्रीन वॉल को लेकर अपना एक प्रपोजल तैयार किया है। उम्मीद की जा रही है कि इस प्रपोजल को जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी। इस प्रपोजल के तहत अरावली में विश्व की सबसे बड़ी ग्रीन वॉल बनाई जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद ग्रीन वॉल बनाने का कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, विश्व की सबसे बड़ी ग्रीन वॉल केवल राजस्थान को ही नहीं बल्कि कई राज्यों को कवर करेगी। अब आप सोच रहे होंगे कि ये ग्रीन वॉल कैसे बनाई जाएगी। आपको बता दें कि दुनिया की सबसे बड़ी ग्रीन वॉल का निर्माण पौधरोपण से किया जाएगा। इसमें अरावली पहाड़ी के दोनों तरफ करीब 5-5 किमी तक पौधे लगाए जाएंगे। आइए आपको बताएं ये किन राज्यों को कवर करेगी और कैसे इसे तैयार किया जाएगा।

इन राज्यों को कवर करेगी ग्रीन वॉल

अरावली में बनने वाली ग्रीन वॉल राजस्थान के साथ दिल्ली, हरियाणा और गुजरात को कवर करेगी। बता दें कि इन राज्यों तक जाने वाली अरावली पहाड़ी के दोनों तरफ चार से पांच किलोमीटर तक ग्रीन वॉल बनाई जाएगी। अरावली क्षेत्र में आने वाले प्रदेशों में पहले चरण की शुरुआत की जाएगी। इस प्रोजेक्ट में न केवल पंचायत को बल्कि किसानों को भी शामिल किया जाएगा।

75 जलाशयों का होगा विकास

दुनिया की सबसे बड़ी ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट में वॉल के साथ 75 के करीब जलाशयों को भी विकसित किया जाएगा। बता दें कि ग्रीन वॉल कुल 1400 किलोमीटर तक की होगी। इस दीवार का प्रपोजल पास होने के बाद, इस दीवार को तैयारी करने के लिए पौधरोपण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। एक बार पूरा होने के बाद भारत में विश्व की सबसे बड़ी ग्रीन वॉल तैयार हो जाएगी। ये पर्यटन को भी बढ़ावा देने का कार्य करेगी।

कैसे तैयार की जाएगी ग्रीन वॉल

मिली जानकारी के अनुसार, ग्रीन वॉल का निर्माण पौधों की स्थानीय प्रजातियों के साथ किया जाएगा। ग्रीन वॉल के इस प्रोजेक्ट पर बात करते हुए जिला वन अधिकारी राजीव तेजियान ने बताया कि क्षेत्रों के अनुसार पौधे लगाए जाएंगे। देखा जाएगा कि कौन से पौधे चल सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार अरावली रेंज में जैव विविधता और पारिस्थितिकी को बेहतर किया जाएगा। इससे प्रदूषण भी कम होगा और पानी की गुणवत्ता पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। कुछ विशेषज्ञों की मानें तो ग्रीन वॉल के निर्माण से दिल्ली तक आने वाली धूल-मिट्टी से भरी हवाएं भी कम हो जाएंगी। इसके साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि ग्रीन वॉल से रेगिस्तान के विस्तार को भी कम किया जा सकेगा।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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