दिल्ली में लोगों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए मंत्री Ashish Sood ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। उन्होंने पूरे शहर में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का आदेश दिया है, ताकि कहीं भी सुरक्षा में कोई कमी न रह जाए। अब तक फायर सेफ्टी जांच ज्यादातर बड़े कॉमर्शियल इलाकों तक सीमित रहती थी, लेकिन इस बार सरकार ने दायरा बढ़ाते हुए रिहायशी इलाकों में चल रहे सभी तरह के संस्थानों को भी इसमें शामिल किया है। यानी अब छोटी दुकानों, ऑफिस और घरों में चल रहे बिजनेस भी जांच के दायरे में आएंगे।
मंत्री ने साफ कहा कि हर व्यक्ति चाहे वह काम पर हो या घर पर उसे सुरक्षित महसूस करने का अधिकार है। इसी सोच के तहत “ब्लाइंड स्पॉट” यानी ऐसे इलाके जहां पहले जांच नहीं होती थी, अब पूरी तरह खत्म किए जाएंगे।
इस काम को तेजी और सही तरीके से पूरा करने के लिए थर्ड-पार्टी एक्सपर्ट्स की मदद ली जाएगी। ये विशेषज्ञ पूरे शहर का नक्शा बनाकर हर जगह का फायर सेफ्टी ऑडिट करेंगे और जहां कमी मिलेगी, उसे तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए जाएंगे।सरकार का यह कदम भविष्य में होने वाली आग जैसी घटनाओं को रोकने की दिशा में एक मजबूत प्रयास माना जा रहा है। साफ है कि अब दिल्ली में सुरक्षा के मामले में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दिल्ली कांड के बाद सेफ्टी की चिंता
दरअसल, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार को एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और मृतक के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक मदद का ऐलान किया है। सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि पालम में हुई भीषण अग्निकांड से मैं अत्यंत व्यथित हूं। मासूमों की जान जाना हृदयविहीन है। मेरी हार्दिक संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और उनके परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति दें।
