फरीदाबाद

Faridabad News: जिम में एक्सरसाइज करते समय युवक की मौत, वेट खींचते आया हार्ट अटैक

हरियाणा के फरीदाबाद शहर स्थित एक जिम सेंटर में एक्सरसाइज करते समय हार्ट अटैक आने से 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक का वजन 175 किलोग्राम के आसपास था और वो पिछले 5 महीने से लगातार एक्सरसाइज करने जिम आ रहा था।

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फरीदाबाद जिम में युवक की मौत

फरीदाबाद : सेक्टर-8 स्थित सरौता जिम एंड वेलनेस क्लब जिम में एक्सरसाइज करते समय दिल का दौरा पड़ने से 35 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह घटना मंगलवार सुबह की बताई जा रही है। ट्राइसेप्स एक्सटेंशन एक्सरसाइज करते समय पंकज नाम के शख्स की मौत होने की बात सामने आ रही है। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में वह सुबह करीब 10 बजे जिम में दाखिल होता है और वर्कआउट शुरू करता है। करीब 20 मिनट बाद तक वह एक्सरसाइज करता नजर आ रहा है, उसके कुछ ही मिनटों के भीतर वह अचानक फर्श पर गिरकर अचेत हो जाता है।

175 किलोग्राम था युवक का वजन

युवक के गिरते ही जिम मौजूद साथी उसके पास गए और पंकज के चेहरे पर पानी छिड़ककर होश में लाने की कोशिश करने लगे। आनन-फानन में साथियों ने एंबुलेंस की मदद से उसे निजी अस्पताल में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिम ट्रेनर पुनीत का कहना है कि पंकज उस समय भारी वजन नहीं उठा रहा था। वह बहुत ज़्यादा कसरत भी नहीं कर रहा था। हम उन्हें तुरंत अस्पताल नहीं ले जा सके, क्योंकि उसका वजन लगभग 175 किलोग्राम था। लिहाजा, तुरंत चिकित्सा सहायता बुलाई गई।

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि पंकज की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। जानकारी के मुताबिक, पंकज एक व्यवसायी था और पिछले पांच महीनों से उसी जिम में नियमित रूप से एक्सरसाइज के लिए जाता था। उसकी अचानक मौत ने जिम के सदस्यों और कर्मचारियों को सदमे में डाल दिया है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच की जा रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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