शहर

तीन बेटों के होते हुए भी मां की चिता को मिला गैरों का सहारा, अंतिम दर्शन से भी बनाई दूरी; इटावा की यह घटना झकझोर देगी

Etawah News: इटावा से रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां तीन बेटों के होते हुए एक महिला का अंतिम संस्कार परिजनों के बजाय एक समूह के लोगों ने किया। सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया। बताया गया कि आखिरी दर्शन के लिए वीडियो कॉल किए जाने पर भी बेटे ने मां को देखने के बजाय फोन अपनी पत्नी को पकड़ा दिया।

Image

जब परिवार ने मुंह मोड़ा तो गैरों ने निभाई जिम्मेदारी

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Etawah News: इटावा से रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सैफई स्थित आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई, लेकिन उसके परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में एक समूह के लोगों ने महिला का अंतिम संस्कार किया।

परिवार ने शव लेने से मना किया

सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह रही कि महिला के तीन बेटे होने के बावजूद अंतिम समय में परिवार का कोई सदस्य उसके साथ मौजूद नहीं था। जानकारी के मुताबिक, औरैया जिले के दिबियापुर थाना क्षेत्र के कन्मऊ गांव की रहने वाली रेखा देवी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल की ओर से परिजनों को इसकी सूचना दी गई, लेकिन परिवार ने शव लेने से मना कर दिया।

गैर लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में किया अंतिम संस्कार

बताया जा रहा है कि रेखा देवी कुछ समय पहले अपने मोहल्ले में रहने वाले एक व्यक्ति के साथ चली गई थीं। इसके बाद परिवार ने उनसे दूरी बना ली थी। जिस व्यक्ति के साथ वह रह रही थीं, कुछ सालों बाद उसकी भी मौत हो गई। इसके बाद रेखा देवी अकेले जीवन बिता रही थीं। महिला की मौत के बाद रक्तदाता समूह से जुड़े लोगों और पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क करने की कई कोशिशें कीं। हालांकि, परिजनों ने शव लेने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद समूह के सदस्यों ने पुलिस की मौजूदगी में महिला के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई।

बेटे ने मां का चेहरा तक नहीं देखा

अंतिम संस्कार से पहले समूह के लोगों ने परिजनों को वीडियो कॉल के जरिए महिला के अंतिम दर्शन कराने की कोशिश भी की। बताया गया कि एक बेटे से जब चिता पर रखी मां का अंतिम बार चेहरा देखने के लिए कहा गया तो उसने फोन अपनी पत्नी को पकड़ा दिया। इस घटना ने मां-बेटे के रिश्ते और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन बेटों के होने के बावजूद एक मां का अंतिम संस्कार गैर-परिचित लोगों द्वारा किया जाना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

(इटावा से सौरभ द्विवेदी के इनपुट के साथ)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article